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शिमला-चंडीगढ़ हाइवे पर आरटीओ की रेड, तीन वाहन जब्त
Updated Tue, 28 Nov 2017 07:05 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन।
परिवहन विभाग ने हाइवे पर पंजाब के तीन वाहन जब्त किए हैं। इन तीनों वाहन चालकों के पास कानूनी प्रमाणपत्र नहीं मिले। इन तीनों वाहनों को चंडीगढ़ से शिमला जाते समय पकड़ा गया है। पकड़े वाहनों में एक पिकअप, क्रेन और एक 407 टैंपो शामिल है।
जांच के दौरान वैन को बिना विभागीय अनुमति के पिकअप में बदलने का भी खुलासा हुआ है। पिकअप से बरामद आरसी में उसका पंजीकरण वैन के रूप में दर्ज है। विभाग ने तत्काल इसे कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। इसके अलावा क्रेन और 407 टैंपो की आरसी न मिलने पर इनको भी कब्जे में लिया गया। संदेह के आधार पर इन तीनों पर कार्रवाई की गई है। विभाग ने चालकों को जल्द से जल्द असली पंजीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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विभाग ने हाइवे पर वाहनों के निरीक्षण के लिए नाका लगा रखा था। सोलन पुलिस लाइन के पास लगाए गए नाके के दौरान परिवहन विभाग ने संदिग्ध वाहनों को रोका और उनकी छानबीन की। इस दौरान परिवहन नियमों का उल्लंघन करने वाले 20 वाहन चालकों का चालान किए गए। इन वाहन चालकों से करीब दस हजार रुपये जुर्माने के रूप में वसूल किए हैं। परिवहन विभाग नवंबर से अब तक दो लाख 28 हजार 500 रुपये की राशि बतौर जुर्माना वसूल चुका है। विभाग ने साफ कर दिया है कि हाइवे या अंदरूनी छोटे मार्गों पर वाहनों को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ विभाग आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएगा।
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नियम तोड़ने पर जब्त किए वाहन : आरटीओ
आरटीओ एमडी शर्मा का कहना है कि शिमला-चंडीगढ़ हाइवे पर विभाग ने नाका लगाया था। इस दौरान कई वाहनों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें से तीन वाहन जिनमें पिकअप, क्रेन और 407 टैंपो शामिल है को नियम तोड़ने के लिए जब्त कर लिया गया है। इनमें से पिकअप से वैन की आरसी बरामद हुई है। विभाग इसकी छानबीन कर रहा है। इसके लिए चालक और मालिक को असली प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या कहते हैं नियम
नियमों के अनुसार कंपनी ने जिस आकार और मंशा से गाड़ी का निर्माण किया है उसका पंजीकरण उसी अवस्था में होता है। कोई भी व्यक्ति मनमर्जी से गाड़ी का रूप नहीं बदल सकता है। यदि किसी की गाड़ी बहुत खराब अवस्था में है और वह उसमें कुछ जरूरी बदलाव, जिनमें सीट कवर, कैवेन या फिर रंग है को बदलना चाहे तो उसे इसके लिए विशेष इजाजत लेनी पड़ती है। यह विभाग पर निर्भर करता है कि वह उसकी इजाजत दे या न दे। लेकिन पकड़े गए वाहन मालिक ने खुद ही वैन खरीद कर उसे पिकअप बना दिया था।