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निगम की बस में इलेक्ट्रानिक मशीनें बता रही अलग-अलग किराया
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:16 PM IST
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धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर चल रही एचआरटीसी की अलग-अलग डिपो की बसों में किराये की दरें भी अलग हैं। इसका कारण टिकटिंग मशीनों में किराया फीड करने में हुई चूक माना जा रहा है। किराये की दरों में अंतर होने से आए दिन यात्रियों और परिचालकों बहसबाजी भी होती रहती है। इस कारण लोग निगम की बसों में सफर करने से अब परहेज करने लगे हैं।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर अधिकतर रुटीन टिकट चेकिंग के लिए स्टाफ मौजूद रहता है। लेकिन बसों को बार-बार चेक करने के बावजूद इस तकनीकी खामी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। हैरत इस बात की है कि एक विभाग होने के बावजूद किराये की दरों में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। टिकटिंग मशीनों में किमी या फिर किराये की दरों अलग-अलग कैसे फीड कर दी गई। यही नहीं ऐसी शिकायतें जिले के कई अन्य हिस्सों से भी सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि एचआरटीसी इस तकनीकी खामी को अभी तक क्यों दूर नहीं कर पाया है। एक दिन में हजारों लोग सफर करते हैं। ऐसे में किराये के रूप में लोगों को लाखों रुपये की चपत लग रही है।
निगम की बसों में एक ही जिला के अलग-अलग डिपो की बसों में भी किराये की दरों में अंतर है। जाबली से धर्मपुर जाने के लिए परवाणू डिपो की बस में ग्यारह किलोमीटर की दूरी दिखाकर 19 रुपये रुपये किराया लिया जा रहा है। वापसी पर धर्मपुर से जाबली का सोलन डिपो की बस में दस किलोमीटर की दूरी बता कर पंद्रह रुपये का किराया लिया जाता है। परिचालकों का कहना है कि वह तो इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन में फीड दरों के मुताबिक ही किराया ले रहे हैं। एचआरटीसी परवाणू के आरएम सुनील सनारिया ने बताया कि किराये को लेकर कोई तकनीकी समस्या होगी तो इसे ठीक करवाया जाएगा।
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कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर अधिकतर रुटीन टिकट चेकिंग के लिए स्टाफ मौजूद रहता है। लेकिन बसों को बार-बार चेक करने के बावजूद इस तकनीकी खामी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। हैरत इस बात की है कि एक विभाग होने के बावजूद किराये की दरों में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। टिकटिंग मशीनों में किमी या फिर किराये की दरों अलग-अलग कैसे फीड कर दी गई। यही नहीं ऐसी शिकायतें जिले के कई अन्य हिस्सों से भी सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि एचआरटीसी इस तकनीकी खामी को अभी तक क्यों दूर नहीं कर पाया है। एक दिन में हजारों लोग सफर करते हैं। ऐसे में किराये के रूप में लोगों को लाखों रुपये की चपत लग रही है।
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निगम की बसों में एक ही जिला के अलग-अलग डिपो की बसों में भी किराये की दरों में अंतर है। जाबली से धर्मपुर जाने के लिए परवाणू डिपो की बस में ग्यारह किलोमीटर की दूरी दिखाकर 19 रुपये रुपये किराया लिया जा रहा है। वापसी पर धर्मपुर से जाबली का सोलन डिपो की बस में दस किलोमीटर की दूरी बता कर पंद्रह रुपये का किराया लिया जाता है। परिचालकों का कहना है कि वह तो इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन में फीड दरों के मुताबिक ही किराया ले रहे हैं। एचआरटीसी परवाणू के आरएम सुनील सनारिया ने बताया कि किराये को लेकर कोई तकनीकी समस्या होगी तो इसे ठीक करवाया जाएगा।
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