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हिमाचल: ब्लैक इयर मशरूम में सेहत और कमाई का खजाना, गेहूं के भूसे पर खेती से किसानों को मिलेगा नया विकल्प

Fri, 11 Sep 2026 09:52 AM IST
Ankesh Dogra ललित कश्यप, सोलन।
ललित कश्यप, सोलन। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 11 Sep 2026 09:52 AM IST
सार

राष्ट्रीय खुंब अनुसंधान निदेशालय की ओर से विकसित ब्लैक इयर मशरूम ने सोलन में आयोजित राष्ट्रीय खुंब मेले की प्रदर्शनी में लोगों और किसानों का ध्यान खींचा। विशेषज्ञों ने इसके पोषण और औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. परमेश के अनुसार, गेहूं के भूसे पर इसकी खेती की जा सकती है, जिससे मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में किसानों को नया विकल्प मिल सकता है। मेले में पांच प्रगतिशील मशरूम उत्पादकों को सम्मानित किया गया।

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गेहूं के भूसे पर आसानी से तैयार हो जाती है मशरूम - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मशरूम की एक नई प्रजाति ने दस्तक दी है, जो सेहत और किसानों की आमदनी दोनों के लिहाज से खास मानी जा रही है। यहां बात हो रही है औषधीय गुणों से भरपूर ब्लैक इयर मशरूम की। राष्ट्रीय खुंब अनुसंधान निदेशालय की ओर से हाल ही में विकसित की गई यह खास प्रजाति पहली बार राष्ट्रीय  खुंब मेले की प्रदर्शनी में लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।

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विशेषज्ञों का दावा है कि उच्च रक्तचाप (बीपी) को नियंत्रित करने और पाइल्स (बवासीर) जैसी बीमारियों से लड़ने में यह मशरूम बेहद कारगर मानी जा रही है। देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में ब्लैक इयर मशरूम का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से काफी समय से किया जाता रहा है। वहां के लोग इसे अपने दैनिक आहार में विशेष स्थान देते हैं।   औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसका सबसे ज्यादा सेवन सूप और काढ़े के रूप में किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइबर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।

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इसके साथ ही बीपी को सामान्य बनाए रखने में मदद करते हैं। खुंब निदेशालय के वैज्ञानिक डॉ. परमेश ने बताया कि इस मशरूम की खेती करना किसानों के लिए भी काफी आसान और लाभदायक सौदा साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसे उगाने के लिए किसी जटिल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती, यह साधारण गेहूं के भूसे पर आसानी से तैयार हो जाती है।

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पांच किसानों को प्रगतिशील मशरूम उत्पादक पुरस्कार
मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश के पांच किसानों को वीरवार को प्रगतिशील मशरूम उत्पादक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें गुरुग्राम (हरियाणा) के जय भगवान, पंचकूला (हरियाणा) के वीरेंद्र सिंह बाजवान, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के योगेंद्र कुमार, गंजाम (ओडिशा) के ए बुलु राव और करीमगंज (असम) के सुभाशीष सरकार शामिल रहे।   

सुलझीं शंकाएं... किसान गोष्ठी के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को कंपोस्ट तैयार करने, कीट व रोग प्रबंधन और उन्नत किस्मों की जानकारी दी। इस दौरान कुपुक्षेत्र से आई शिवानी ने बताया कि मशरूम का नया प्लांट लगाना  चाहती हूं। इसलिए मेले में जानकारी के लिए पहुंची हूं।
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