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Solan News: आशा वर्करों ने मांगा 18 हजार न्यूनतम वेतन
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बद्दी में आशा वर्करों की खंड स्तरीय बैठक में मांगों पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आशा वर्कर संघ बद्दी की बैठक इकाई अध्यक्ष दया ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उन्होंने सरकार से आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये करने की मांग उठाई। उन्होंने मासिक वेतन में हुई 300 रुपये की बढ़ोतरी को एक भद्दा मजाक करार दिया है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि आज महंगाई का दौर कहां से कहां पहुंच गया है और हिमाचल में आलम यह है कि आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा। आशा वर्करों को लेकर प्रदेश सरकार ने इस बार के बजट में कोई बड़ी घोषणा करने की बजाय उनके मानदेय में मात्र 300 रुपये बढ़ोतरी की है। आशा वर्कर एक सरकारी कर्मचारी से ज्यादा काम करती हैं। लेकिन आशा वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के नाम पर केंद्र व प्रदेश सरकार खामोश क्यों है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आशा वर्कर संघ बद्दी की बैठक इकाई अध्यक्ष दया ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उन्होंने सरकार से आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये करने की मांग उठाई। उन्होंने मासिक वेतन में हुई 300 रुपये की बढ़ोतरी को एक भद्दा मजाक करार दिया है। बैठक में सदस्यों ने कहा कि आज महंगाई का दौर कहां से कहां पहुंच गया है और हिमाचल में आलम यह है कि आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा। आशा वर्करों को लेकर प्रदेश सरकार ने इस बार के बजट में कोई बड़ी घोषणा करने की बजाय उनके मानदेय में मात्र 300 रुपये बढ़ोतरी की है। आशा वर्कर एक सरकारी कर्मचारी से ज्यादा काम करती हैं। लेकिन आशा वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के नाम पर केंद्र व प्रदेश सरकार खामोश क्यों है।
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