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Solan News: गेहूं की बुवाई से पहले खेतों में गोबर की खाद डालें किसान
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नौणी विवि के मौसम विभाग ने किसानों के लिए जारी किया कृषि परामर्श
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के तहत संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोलन जिले के लिए आगामी पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान और कृषि परामर्श जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र का मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहेगा।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। बुवाई से पहले खेत में गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। बागवान मौसम साफ रहने पर सेब के पेड़ों के तनों पर 2 से 3 फीट की ऊंचाई तक चूने का लेप (30 किग्रा चूना, 500 ग्राम नीला थोथा और 500 मिलीलीटर अलसी के तेल के घोल से) लगाएं। इसके साथ ही तनों पर जमीन से 30-45 सेमी की ऊंचाई पर पीले चिपचिपे बैंड लगाएं, ताकि ऊनी सेब माहू कीट की समय रहते प्रभावी रोकथाम की जा सके।
मटर के पौधों को सहारा (स्टेकिंग) दें और हल्की सिंचाई करें। गोभी की फसल में बालदार सूंडी की नियमित निगरानी करें। प्याज की पौध तैयार करने के लिए बीज बोने का यह उचित समय है, जबकि लहसुन की फसल में नमी बनाए रखने और पपड़ी बनने से रोकने के लिए हल्की गुड़ाई करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के तहत संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोलन जिले के लिए आगामी पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान और कृषि परामर्श जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में क्षेत्र का मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहेगा।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए खेतों की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। बुवाई से पहले खेत में गोबर की खाद या कंपोस्ट मिलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। बागवान मौसम साफ रहने पर सेब के पेड़ों के तनों पर 2 से 3 फीट की ऊंचाई तक चूने का लेप (30 किग्रा चूना, 500 ग्राम नीला थोथा और 500 मिलीलीटर अलसी के तेल के घोल से) लगाएं। इसके साथ ही तनों पर जमीन से 30-45 सेमी की ऊंचाई पर पीले चिपचिपे बैंड लगाएं, ताकि ऊनी सेब माहू कीट की समय रहते प्रभावी रोकथाम की जा सके।
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मटर के पौधों को सहारा (स्टेकिंग) दें और हल्की सिंचाई करें। गोभी की फसल में बालदार सूंडी की नियमित निगरानी करें। प्याज की पौध तैयार करने के लिए बीज बोने का यह उचित समय है, जबकि लहसुन की फसल में नमी बनाए रखने और पपड़ी बनने से रोकने के लिए हल्की गुड़ाई करें।
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