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बीबीएन के उद्योगपति कर रहे रेल लाइन का इंतजार
Updated Mon, 03 Dec 2018 07:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक राजधानी बीबीएन में रेल लाइन बिछाने की सुस्त रफ्तार से उद्योगपति भी आहत हैं। कालका-चंडी होते हुए बद्दी जुड़ने वाली रेलवे लाइन के लिए सर्वेक्षण में आंकी गई कुल 385.75 करोड़ रुपये में से 255 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
इसके लिए जमीनों के अधिग्रहण का कार्य भी चला था लेकिन यह आगे न बढ़ने से उद्योग जगत में निराशा है। बद्दी-बरोटीवाला को कालका से चंडी मंदिर से होते हुए बद्दी रेल लिंक से जोड़ने के लिए उद्योग जगत ने कई बार इस मांग को रखा है और बीबीएनआईए ने अपने स्तर पर आरआरबी सहित प्रदेश और केंद्र सरकार से पुरजोर ढंग से पैरवी की है।
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आज तक रेलवे की दरकार से महरूम बीबीएन के उद्यमियों सहित लोगों की चिरलंबित मांग परवान नहीं चढ़ी है। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड चंडीगढ़ की टीम ने पड़ोसी राज्य हरियाणा के सूरजपुर से बद्दी तक बनने वाले रेलवे ट्रैक का सर्वे पहले ही कर लिया है। आरआरबी के तहत हरियाणा के सूरजपुर से धमाला-लोहगढ़-खेड़ा-टांडा-जोलूवाल-कोना-मढ़ावाला-कंटनेर डिपो बददी-हरिपुर संडोली ट्रैक शामिल है। इससे पहले भी बद्दी से कालका के बीच में बड़ी रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण का कार्य 2012 में पूरा हो गया था और 1 अप्रैल 2012 को इसकी रिपोर्ट सौंप दी गई है।
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मलपुर में बना कंटेनर डिपो चल रहा बिना रेलवे
14.42 करोड़ से कंटेनर डिपो बद्दी के मलपुर में 92 बीघा लैंड पर बनकर तैयार है लेकिन बिना रेलवे सुविधा से यह डिपो चल रहा है। इसका काम पूरा होने के बाद इसका उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन कंटेनर डिपो का असल लाभ तभी मिलेगा, जब यह क्षेत्र रेलवे सुविधा से लैस होगा।
शिमला में पुरानी बातों पर हुई चर्चा : उपायुक्त
उपायुक्त विनोद कुमार का कहना है कि शिमला में रूटीन बैठक थी जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बद्दी रेलवे प्रोजेक्ट विचाराधीन है। जैसे ही सभी जरूरतें पूरी होंगी, काम शुरू हो जाएगा। सोमवार को शिमला में हुई बैठक रूटीन थी, इसमें नए प्रारूप को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है।