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सोलन में फूलों की खेती की तरफ बढ़ा रुझान
Updated Mon, 20 Aug 2018 10:47 PM IST
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flowers of valley
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। मशरूम और टमाटर के लिए पहचान बना चुके सोलन में अब लोगों का रुझान फूलों की खेती की तरफ बढ़ने लगा है। जिला भर में पिछले कुछ सालों के दौरान फूलों की खेती का तेजी से विकास हुआ है और अब 20 हेक्टेयर जमीन पर फूलों की खेती हो रही है। इसमें कई प्रकार के ऑरनामेंटल फूलों की खेती की जा रही है जिससे बागवानों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है।
इन फूलों के जरिये सालाना लाखों रुपये की आमदनी हो रही है। इन फूलों को बागवान दिल्ली, बंगलूरू, गाजीपुर व चंडीगढ़ भेजकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। जिला में फिलहाल सोलन में 3.5 हेक्टेयर, कंडाघाट 3.14 हेक्टेयर, धर्मपुर 11.9 हेक्टेयर, कुनिहार 1.5 हेक्टेयर, नालागढ़ 1.8 हेक्टेयर भूमि पर सजावटी फूलों की खेती की जा रही है। इनमें कारनेशन, गुलाब, मैरीगोल्ड, लिलियम, अलेस्ट्रोमिरिया, गुलदाउदी, ऑरकिड, शैफलेश, पेचिया, हबीसकस, क्यूशिया, जैरेनियम, एग्लोनिया के साथ अन्य कई किस्मों के फूलों की पैदावार की जा रही है।
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फूलों के ज्यादा दाम के लिए बाहर हो रही सप्लाई
उपनिदेशक उद्यान विभाग बीएस गुलेरिया ने बताया कि जिला में फ्लॉरीकल्चर के तहत करीब 20 हेक्टेयर भूमि है। कम लागत में अधिक आमदनी कमाने के लिए किसानों-बागवानों का रुझान फूलों की खेती की ओर बढ़ रहा है। सोलन में किसानों को फूलों के पूरे दाम नहीं मिल पाते हैं। इस वजह से फूलों को बाहर भेजना पड़ रहा है।
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