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बघाट बैंक के अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:45 PM IST
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सोलन। सत्ता परिवर्तन के चार माह बाद सोलन जिले के सबसे महत्वपूर्ण बघाट बैंक पर भाजपा का कब्जा हो गया। वीरवार को बघाट बैंक के निवर्तमान अध्यक्ष अरुण शर्मा और उपाध्यक्ष महेंद्र ठाकुर ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नप के पूर्व अध्यक्ष पवन गुप्ता को सर्वसम्मति से बैंक का अध्यक्ष चुन लिया गया। धर्मेंद्र ठाकुर को उपाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित किया है।
बैंक में निदेशक मंडल के सभी सदस्यों ने एकमत से दोनों के नाम पर सहमति जताई है। बघाट बैंक में तीन साल बाद चुनाव हुए हैं। इसकी वजह से अब पवन गुप्ता का कार्यकाल वर्ष 2020 तक रहेगा। इसके बाद निदेशक मंडल के चुनाव दोबारा से होंगे और इसके साथ ही अध्यक्ष के चुनाव भी करवाए जाएंगे। सोलन में बघाट बैंक को लेकर सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सियासत गर्मा रही थी। बैंक के अध्यक्ष पद की दौड़ में पवन गुप्ता के अलावा भाजपा के कुछ अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे। लेकिन पवन गुप्ता गुट से निदेशक मंडल के सदस्य मनोनीत होने के बाद से ही उनका पलड़ा इस दौड़ में भारी था। परिणामस्वरूप सात चयनित और दो मनोनीत निदेशक मंडल सदस्यों ने पवन गुप्ता पर सहमति जताई। पवन गुप्ता इससे पूर्व भी बघाट बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं।
बैंक करता है 600 करोड़ का कारोबार
सोलन में 1979 में एक कमरे से बैंक की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज की तारीख में बैंक की सोलन समेत पांच जिलों में सात ब्रांच हैं। बैंक का सालाना कारोबार 600 करोड़ रुपये का हो चुका है। जिले में मुख्यालय, नालागढ़, कुनिहार और परवाणू के अलावा बघाट बैंक की शाखा कांगड़ा, ऊना, शिमला तथा नाहन में भी है। बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तय दिशा निर्देशों के आधार पर काम करता है। इसके शेयर होल्डर सोलन के अलावा पूरे प्रदेश से हैं।
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तीन साल में ही खत्म हो गया कार्यकाल
बघाट बैंक में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया में निदेशक मंडल के सदस्य मतदान करते हैं। बैंक के निदेशक मंडल में कुल नौ सदस्य हैं। इनमें सात निर्वाचित सदस्य हैं और दो मनोनीत हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दो सदस्य सत्तासीन पार्टी मनोनीत करती है। इसकी वजह से दूसरी पार्टी के अध्यक्ष को कुर्सी छोड़ने को मजबूर होना पड़ता है। बघाट बैंक में तीन साल पूर्व ही कांग्रेसी खेमे से अरुण शर्मा अध्यक्ष बने थे। इनका कार्यकाल 2020 तक था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद मनोनीत पार्षदों की मदद से उन्हें बघाट बैंक के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर में खुलेंगी शाखा : गुप्ता
बघाट बैंक के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पवन गुप्ता ने कहा कि भविष्य में मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर में बैंक की शाखा खोली जाएगी। बैंक की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। शेयर होल्डर को मुनाफे की गारंटी रहेगी। विश्वसनीयता को बरकरार रखने के प्रयास जारी रहेंगे। बताया कि बैंक की हर शाखा एटीएम से जुड़ी है। बघाट बैंक के एटीएम किसी भी दूसरे बैंक में इस्तेमाल हो सकते हैं।
बैंक में निदेशक मंडल के सभी सदस्यों ने एकमत से दोनों के नाम पर सहमति जताई है। बघाट बैंक में तीन साल बाद चुनाव हुए हैं। इसकी वजह से अब पवन गुप्ता का कार्यकाल वर्ष 2020 तक रहेगा। इसके बाद निदेशक मंडल के चुनाव दोबारा से होंगे और इसके साथ ही अध्यक्ष के चुनाव भी करवाए जाएंगे। सोलन में बघाट बैंक को लेकर सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सियासत गर्मा रही थी। बैंक के अध्यक्ष पद की दौड़ में पवन गुप्ता के अलावा भाजपा के कुछ अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे। लेकिन पवन गुप्ता गुट से निदेशक मंडल के सदस्य मनोनीत होने के बाद से ही उनका पलड़ा इस दौड़ में भारी था। परिणामस्वरूप सात चयनित और दो मनोनीत निदेशक मंडल सदस्यों ने पवन गुप्ता पर सहमति जताई। पवन गुप्ता इससे पूर्व भी बघाट बैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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बैंक करता है 600 करोड़ का कारोबार
सोलन में 1979 में एक कमरे से बैंक की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज की तारीख में बैंक की सोलन समेत पांच जिलों में सात ब्रांच हैं। बैंक का सालाना कारोबार 600 करोड़ रुपये का हो चुका है। जिले में मुख्यालय, नालागढ़, कुनिहार और परवाणू के अलावा बघाट बैंक की शाखा कांगड़ा, ऊना, शिमला तथा नाहन में भी है। बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तय दिशा निर्देशों के आधार पर काम करता है। इसके शेयर होल्डर सोलन के अलावा पूरे प्रदेश से हैं।
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तीन साल में ही खत्म हो गया कार्यकाल
बघाट बैंक में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया में निदेशक मंडल के सदस्य मतदान करते हैं। बैंक के निदेशक मंडल में कुल नौ सदस्य हैं। इनमें सात निर्वाचित सदस्य हैं और दो मनोनीत हैं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दो सदस्य सत्तासीन पार्टी मनोनीत करती है। इसकी वजह से दूसरी पार्टी के अध्यक्ष को कुर्सी छोड़ने को मजबूर होना पड़ता है। बघाट बैंक में तीन साल पूर्व ही कांग्रेसी खेमे से अरुण शर्मा अध्यक्ष बने थे। इनका कार्यकाल 2020 तक था लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद मनोनीत पार्षदों की मदद से उन्हें बघाट बैंक के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर में खुलेंगी शाखा : गुप्ता
बघाट बैंक के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद पवन गुप्ता ने कहा कि भविष्य में मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर में बैंक की शाखा खोली जाएगी। बैंक की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। शेयर होल्डर को मुनाफे की गारंटी रहेगी। विश्वसनीयता को बरकरार रखने के प्रयास जारी रहेंगे। बताया कि बैंक की हर शाखा एटीएम से जुड़ी है। बघाट बैंक के एटीएम किसी भी दूसरे बैंक में इस्तेमाल हो सकते हैं।