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जिले में बारिश व बर्फबारी से 28 संपर्क और मुख्य मार्ग भी बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के चायल, कसौली, बड़ोग और सोलन में बर्फबारी के बाद लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पर्यटक नगरी चायल के आधा दर्जन से अधिक मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध पड़े हैं।
इससे पथ परिवहन निगम सोलन डिपो के 28 रूट प्रभावित हो गए हैं। वहीं चायल क्षेत्र में पिछले एक दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। कसौली, सोलन सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली कट लग रहे हैं। आधा दर्जन से अधिक पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। सभी विभागों के कर्मचारी मौके पर सुविधाओं को बहाल करने में लगे हैं।
जानकारी के अनुसार बर्फबारी और भारी बारिश से निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। भारी बर्फबारी से तापमान में गिरावट से शीत लहर चरम पर है। कंडाघाट-चायल, चायल-कुफरी और चायल-गोड़ा समेत आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
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बर्फबारी से पेड़ों और बिजली तारों के टूटने से आपूर्ति अभी तक बाधित है। होटलों में भी बिजली आपूर्ति ठप है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। विद्युत बोर्ड के कर्मचारी लाइनों को ठीक करने में जुटे हैं, इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हुई है। चायल का समूचा क्षेत्र अंधेरे में डूबा है। इसके अलावा संपर्क मार्ग में देवदार और बान के करीब 50 पेड़ गिरे हैं।
ये मार्ग और रूट बंद
भारी बारिश और बर्फबारी से पथ परिवहन निगम के 28 रूट प्रभावित हुए हैं। इसमें सोलन-फोगन, सिहार-शिमला, राजगढ़-पिड़न, संगड़ाह-राजगढ़, लाणाचेता-राजगढ़, काठीभरण -राजगढ़, दिनेश्वर-सोलन, घणोच-सोलन, हाबड़-सोलन, बगेटू वाया बिशा-सोलन, बाशा-सोलन, चालय-सोलन, विजमल-सोलन शामिल हैं।
शिमला से चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य नंबे रूटों पर जाने वाली बसें भी शिमला में मार्ग बंद होने से वहीं खड़ी हैं। इसके अलावा बर्फबारी से चायल के संपर्क मार्ग सहित चायल-कुफरी-गौड़ा, सोलन, साधुपुल जुन्गा, जुन्गा-चायल सहित कसौली के लिए क्षेत्र के कुछ मार्ग बंद पड़े हैं।
फसलों के लिए अच्छी साबित होगी बर्फबारी
जिले के किसानों की मानें तो बर्फबारी उनकी फसलों के लिए वरदान है। किसानों का कहना है कि काफी समय से बर्फ न गिरने से उनकी भूमि में बहुत से कीट पैदा हो गए थे। उनका मानना है कि बर्फबारी की ठंडक से फसलों को नष्ट करने वाले कीट मर जाते हैं। टमाटर, शिमला मिर्च सहित अन्य फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भी बर्फबारी लाभकारी सिद्ध होगी।
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सोलन। जिले के चायल, कसौली, बड़ोग और सोलन में बर्फबारी के बाद लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। बर्फबारी से निचले क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पर्यटक नगरी चायल के आधा दर्जन से अधिक मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध पड़े हैं।
इससे पथ परिवहन निगम सोलन डिपो के 28 रूट प्रभावित हो गए हैं। वहीं चायल क्षेत्र में पिछले एक दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। कसौली, सोलन सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली कट लग रहे हैं। आधा दर्जन से अधिक पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। सभी विभागों के कर्मचारी मौके पर सुविधाओं को बहाल करने में लगे हैं।
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जानकारी के अनुसार बर्फबारी और भारी बारिश से निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। भारी बर्फबारी से तापमान में गिरावट से शीत लहर चरम पर है। कंडाघाट-चायल, चायल-कुफरी और चायल-गोड़ा समेत आधा दर्जन संपर्क मार्गों पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
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बर्फबारी से पेड़ों और बिजली तारों के टूटने से आपूर्ति अभी तक बाधित है। होटलों में भी बिजली आपूर्ति ठप है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। विद्युत बोर्ड के कर्मचारी लाइनों को ठीक करने में जुटे हैं, इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हुई है। चायल का समूचा क्षेत्र अंधेरे में डूबा है। इसके अलावा संपर्क मार्ग में देवदार और बान के करीब 50 पेड़ गिरे हैं।
ये मार्ग और रूट बंद
भारी बारिश और बर्फबारी से पथ परिवहन निगम के 28 रूट प्रभावित हुए हैं। इसमें सोलन-फोगन, सिहार-शिमला, राजगढ़-पिड़न, संगड़ाह-राजगढ़, लाणाचेता-राजगढ़, काठीभरण -राजगढ़, दिनेश्वर-सोलन, घणोच-सोलन, हाबड़-सोलन, बगेटू वाया बिशा-सोलन, बाशा-सोलन, चालय-सोलन, विजमल-सोलन शामिल हैं।
शिमला से चंडीगढ़, दिल्ली सहित अन्य नंबे रूटों पर जाने वाली बसें भी शिमला में मार्ग बंद होने से वहीं खड़ी हैं। इसके अलावा बर्फबारी से चायल के संपर्क मार्ग सहित चायल-कुफरी-गौड़ा, सोलन, साधुपुल जुन्गा, जुन्गा-चायल सहित कसौली के लिए क्षेत्र के कुछ मार्ग बंद पड़े हैं।
फसलों के लिए अच्छी साबित होगी बर्फबारी
जिले के किसानों की मानें तो बर्फबारी उनकी फसलों के लिए वरदान है। किसानों का कहना है कि काफी समय से बर्फ न गिरने से उनकी भूमि में बहुत से कीट पैदा हो गए थे। उनका मानना है कि बर्फबारी की ठंडक से फसलों को नष्ट करने वाले कीट मर जाते हैं। टमाटर, शिमला मिर्च सहित अन्य फसलों की अच्छी पैदावार के लिए भी बर्फबारी लाभकारी सिद्ध होगी।