फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   चमड़ी रोग को छुपाना हो सकता है घातक

चमड़ी रोग को छुपाना हो सकता है घातक

Tue, 30 Jan 2018 10:38 PM IST
Updated Tue, 30 Jan 2018 10:38 PM IST
विज्ञापन
चमड़ी रोग को छुपाना हो सकता है घातक
skin shedding
परवाणू (सोलन)। कुष्ठ रोग का समय रहते इलाज शुरू हो जाए तो रोगी पूरी तरह ठीक हो जाता है। चिकित्सकों के मुताबिक मरीजों को किसी भी तरह के चमड़ी के रोग को छुपाना नहीं चाहिए। चमड़ी में किसी भी तरह का संक्रमण होेने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करें। इससे बीमारी का इलाज समय रहते शुरू होने से वह पूरी तरह ठीक हो जाती है। यह जानकारी ईएसआई अस्पताल परवाणू में आयोजित राष्ट्रीय कुष्ठ रोग निवारण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में चिकित्सकों ने दी।
विज्ञापन

जोनल लेप्रोसी ऑफिसर डॉ. उदित कुमार ने लोगों को कुष्ठ रोग के बारे में जानकारी दी तथा इसको लेकर समाज में फैली भ्रांतियों बारे जागरूक किया। उन्होंने कहा कि न तो पीढ़ी दर पीढ़ी यह रोग होता है न ही किसी दैवीय प्रकोप से होता है। यह रोग एक लैप्री नामक जीवाणु से फैलता है। इसका पूरा इलाज संभव है और रोगी दवाईयों के सेवन से पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. उदित कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर हर साल पूरे भारत में राष्ट्रीय कुष्ठ रोग निवारण दिवस आयोजित किया जाता है। महात्मा गांधी ने ऐसे रोगियों का इलाज भी किया। इस मौके पर ईएसआई अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद कपिल भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
विज्ञापन


मशोबरा में खुला था पहला कुष्ठ रोग अस्पताल
प्रदेश में सबसे पहला कुष्ठ रोग अस्पताल शिमला के मशोबरा में खुला था। इसके बाद इसे वहां से बदलकर धर्मपुर ब्लॉक के मंडोधार लाया गया। मौजूदा समय में यह अस्पताल सोलन के चंबाघाट में है। चंबाघाट अस्पताल में मौजूदा समय में करीब 20 मरीज दाखिल हैं। यह सभी मरीज वर्ष 1985-86 से दाखिल हैं जिनका पूरा खर्च प्रदेश सरकार उठा रही है। इसके अलावा जिले में 29 ऐसे मरीज हैं जिनका दवाईयों से इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह माह दवाई खाने से रोग छू मंत्र
परवाणू में आयोजित कुष्ठ रोग निवारण दिवस पर चिकित्सकों ने बताया कि एमडीटी दवाई का सेवन केवल 6 या फिर 12 माह करने से कुष्ठ रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। चमड़ी में किसी भी तरह का संक्रमण दिखने पर तुरंत चिकित्सकों से संपर्क करना चाहिए। यही नहीं चमड़ी में दाग के साथ सूनापन है तो तुरंत चिकित्सकों को दिखाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed