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सोलन शहर का पेयजल सिस्टम बदलेगा
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:20 PM IST
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solan water tank
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सोलन। शहर की 60 हजार की आबादी सहित ग्रामीणों क्षेत्रों को पेयजल किल्लत से जल्द राहत मिलेगी। नप जहां सप्लाई देने वाले मुख्य टैंकों को ढकने का काम शुरू करने वाली है वहीं शहर का पेयजल सिस्टम भी पूरी तरह बदल देगी। इसके लिए नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसका निर्माण कार्य करीब 40 लाख रुपये से होना था लेकिन आचार संहिता के चलते यह कार्य अधर में लटक गया था। शहर की पेयजल पाइपें भी बदली जाएंगी। नप छह इंच मोटी पाइपें बिछाएगी। अभी तक तीन इंच मोटी पाइप से शहर में पानी की सप्लाई दी जा रही थी। यह पाइपें कई जगह से फट चुकी हैं तथा कुछ जगह लोगों ने पाइपों के ऊपर ही निर्माण कार्य कर रखे हैं। ऐसे में इनकी रिपेयर करना भी संभव नहीं है।
नप अब जलसंकट से निपटने के लिए पूरे पेयजल सिस्टम को दुरुस्त करने की कवायद शुरू करने जा रही है। पेयजल पाइप बदलने के साथ लीकेज दुरुस्त होने के बाद शहर के लोगों को काफी हद से पानी की किल्लत से राहत मिल जाएगी। 18 दिसंबर को चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही आचार संहित खत्म हो जाएगी। इसके बाद टैंकों को ढकने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। पिछले साल शहर में पीलिया के 100 से अधिक मामले आने के बाद लोगों की मांग पर इन टैंकों को ढकने की योजना बनाई थी। लेकिन अब जब इसे ढकने के लिए बजट सहित अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो अब नप के आडे़ आचार संहिता का पेच फंस रहा है। इसके चलते लोगों को अभी भी स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने की योजना अधर में लटकी पड़ी है। जलसंकट से निपटने के लिए दो वार्डों के लिए एक स्टोरेज टैंक भी बनाया जाएगा। इससे पेयजल किल्लत से काफी हद राहत मिलेगी।
खुले टैंकों से यह है खतरा
टैंक रोड पर जिस स्थान पर यह टैंक है, वहीं उसके साथ निजी आवास सहित कालोनियों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी है। इसके चलते शरारती तत्व कई बार टैंक के आसपास गंदगी फैला देते हैं। इससे पीने का पानी गंदा हो रहा है। ऐसे में कोई भी खुले टैंक जहरीली वस्तु मिला सकता है। जिले में ऐसी घटनाएं पहले हो भी चुकी हैं। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था लेकिन इसके बाद टैंकों को ढकने का काम जोरशोर से शुरू करने के दावे किए गए थे।
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टैंकों को ढकने के लिए सिर्फ आश्वासन मिले
कुछ महीनों पहले स्थानीय विधायक एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने इन टैंकों का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने इन टैंकों को ढकने के लिए बजट का प्रावधान करने का आश्वासन दिया था। मंत्री के आश्वासन के बाद नप को इन टैंकों को ढकने के लिए आधा बजट मिल गया है। नप ने इसके लिए टेंडर लगा दिए हैं जिसके बाद इन टैंकों को ढकने का कार्य जल्द शुरू किया जाना था। मंत्री ने इन टैंकों को ढकने के लिए 70 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
चुनाव आचार संहिता से दिक्कत : ईओ
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि टैंकों के ढकने के लिए पैसा आ चुकी है। विस चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण अभी कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। लेकिन अब जल्द ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।
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नप अब जलसंकट से निपटने के लिए पूरे पेयजल सिस्टम को दुरुस्त करने की कवायद शुरू करने जा रही है। पेयजल पाइप बदलने के साथ लीकेज दुरुस्त होने के बाद शहर के लोगों को काफी हद से पानी की किल्लत से राहत मिल जाएगी। 18 दिसंबर को चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही आचार संहित खत्म हो जाएगी। इसके बाद टैंकों को ढकने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। पिछले साल शहर में पीलिया के 100 से अधिक मामले आने के बाद लोगों की मांग पर इन टैंकों को ढकने की योजना बनाई थी। लेकिन अब जब इसे ढकने के लिए बजट सहित अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो अब नप के आडे़ आचार संहिता का पेच फंस रहा है। इसके चलते लोगों को अभी भी स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने की योजना अधर में लटकी पड़ी है। जलसंकट से निपटने के लिए दो वार्डों के लिए एक स्टोरेज टैंक भी बनाया जाएगा। इससे पेयजल किल्लत से काफी हद राहत मिलेगी।
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खुले टैंकों से यह है खतरा
टैंक रोड पर जिस स्थान पर यह टैंक है, वहीं उसके साथ निजी आवास सहित कालोनियों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग भी है। इसके चलते शरारती तत्व कई बार टैंक के आसपास गंदगी फैला देते हैं। इससे पीने का पानी गंदा हो रहा है। ऐसे में कोई भी खुले टैंक जहरीली वस्तु मिला सकता है। जिले में ऐसी घटनाएं पहले हो भी चुकी हैं। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था लेकिन इसके बाद टैंकों को ढकने का काम जोरशोर से शुरू करने के दावे किए गए थे।
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टैंकों को ढकने के लिए सिर्फ आश्वासन मिले
कुछ महीनों पहले स्थानीय विधायक एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने इन टैंकों का निरीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने इन टैंकों को ढकने के लिए बजट का प्रावधान करने का आश्वासन दिया था। मंत्री के आश्वासन के बाद नप को इन टैंकों को ढकने के लिए आधा बजट मिल गया है। नप ने इसके लिए टेंडर लगा दिए हैं जिसके बाद इन टैंकों को ढकने का कार्य जल्द शुरू किया जाना था। मंत्री ने इन टैंकों को ढकने के लिए 70 लाख रुपये देने की घोषणा की है।
चुनाव आचार संहिता से दिक्कत : ईओ
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि टैंकों के ढकने के लिए पैसा आ चुकी है। विस चुनाव के चलते लगी आचार संहिता के कारण अभी कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। लेकिन अब जल्द ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा।