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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   200 beds in wards of Solan regional hospital connected with direct supply of oxygen

क्षेत्रीय अस्पताल में 200 बेड पर प्लांट से ऑक्सीजन मिलना शुरू

Mon, 18 Jul 2022 11:18 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2022 11:18 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में 200 बेड पर मरीजों को पीएसए प्लांट से ऑक्सीजन मिलना शुरू हो गई है। इससे अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत कम हुई है। मरीजों के लिए भारी-भरकम सिलिंडर उठाने से भी छुटकारा मिल गया है।
पहले चरण में ऑक्सीजन प्लांट को सुबह 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक ही चलाया जा रहा है। इसके बाद उपचाराधीन मरीजों को सिलिंडर और कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है। यह प्लांट एक मिनट में 1,000 लीटर ऑक्सीजन तैयार करने में सक्षम है। इससे पहले अस्पताल के कोविड सीसीयू, मेडिसन और शिशु वार्ड को ही ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ा गया था।
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क्षेत्रीय अस्पताल को कोविड की दूसरी लहर में ऑक्सीजन प्लांट मिला था। इसके बाद कुछ ही वार्ड को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़े गए थे। अस्पताल प्रशासन ने 200 बेड को ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ने के लिए 96.56 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। प्लांट के साथ ही मेनिफोल्ड भी लगाया गया है जिसे पाइपलाइन से जोड़ा गया है। इससे लाइट जाने पर भी लोगों को ऑक्सीजन मिलती रहेगी।
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कोविड मरीजों को नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
प्लांट को सबसे पहले अस्पताल में बने कोविड आईसीयू के साथ जोड़ा गया था। कोविड मरीजों को ऑक्सीजन की सुविधा मिलनी शुरू हो गई थी। आने वाले समय में अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं तो अस्पताल के किसी अन्य वार्ड को कोविड मरीजों के लिए रिजर्व किया जाता है तो वहां भी ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी।
प्लांट बंद होने के आधा घंटा पहले दी जाती है सूचना
अस्पताल में तकनीकी कर्मी प्लांट बंद होने से आधा घंटा पहले वार्ड नर्स को सूचना देते हैं। यदि किसी मरीज को ऑक्सीजन लगी है तो प्लांट को बंद नहीं किया जाता। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद ही आगामी कार्य किया जाता है। हालांकि रात में मरीज ज्यादा न होने से इसे बंद कर दिया जाता है।
98 फीसदी शुद्ध ऑक्सीजन
प्लांट में जनरेट होने वाली ऑक्सीजन 97 से 98 फीसदी शुद्ध है। इसकी रिपोर्ट सात महीने पहले अस्पताल प्रशासन के पास आ चुकी है। वातावरण के अनुसार भी इसकी शुद्धता बढ़ती रहती है।

दिन में प्लांट से दी जा रही ऑक्सीजन
अस्पताल में लगे प्लांट से मरीजों को दिन में ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है। सिलिंडर की खपत भी घटी है। रात में कम मरीज होने से फिलहाल प्लांट नहीं चलाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर रात में भी इसे चलाया जाएगा। रात में कंसंट्रेटर और सिलिंडर से काम चलेगा।
-डॉ. एसएल वर्मा
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल
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