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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   20 percent tomato crop damaged due to backbreaking disease

Solan News: कमरतोड़ रोग से टमाटर की 20 फीसदी फसल खराब

Sun, 05 May 2024 05:47 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Sun, 05 May 2024 05:47 PM IST
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खेत में पौध लगाने के बाद सूख रहा है तना और जड़
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बीमारी के कारण खेत हो रहे खाली, किसान परेशान
पहले ही सूखे के कारण कम लगी है टमाटर की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में सूखे की मार झेल रहे किसानों को अब टमाटर की पौध में कमरतोड़ बीमारी से नुकसान झेलना पड़ रहा है। अभी तक जिला में 20 फीसदी फसल इस रोग के कारण खराब हो गई है। कई क्षेत्रों में पौधशाला में ही यह बीमारी पौधों को लग रही है।
हालांकि अधिकतर पानी वाले क्षेत्रों में तो किसानों ने खेतों में पौध रोपित कर दी है। इन क्षेत्रों में भी किसान सैंकड़ों खराब पौधे खेतों से निकाल रहे हैं। जिले में 8100 हेक्टयेर भूमि पर टमाटर की खेती होती है। जानकारी के अनुसार जिला सोलन की मुख्य नगदी फसल टमाटर है। जिले के 90 फीसदी किसान टमाटर पर ही निर्भर है। टमाटर में लग रहे इस रोग से खेतों में पौध बचाना मुश्किल हो गया है। खेतों में पौध लगाने के दो दिन बाद ही बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। पहले ही किसान सूखे की मार झेल रहे हैं, और अब इस बीमारी से पूरे-पूरे खेत खाली हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में तो शिमला मिर्च की पौध में भी यह रोग लग रहा है।
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इनसेट
किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत
केवीके कंडाघाट की पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती शुक्ला ने बताया कि पौध को तैयार करते समय किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कमरतोड़ रोग फंफूद के कारण मिट्टी में ही पनप जाता है। इस रोग के चलते किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है। बीमारी के कहर से पौधशाला में उग रही पौध की कमर ही सड़ कर टूट जाती है। इसे कॉलर रॉट रोग भी कहते है, इसके उपचार के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड तीन ग्राम प्रति लीटर पानी या मंकोजब 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल से सींचें।
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