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डेढ़ साल से खड़ीं 20 लो फ्लोर बसेंहो रहीं खराब
Updated Wed, 01 Aug 2018 08:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। पिछले कई सालों से वर्कशाप में खड़ीं लो फ्लोर बसों की हालत अब खस्ता होने लगी है। एक अरसे से इन बसों के न चलने से इनमें दिक्कत आना शुरू हो गई है। पिछले करीब एक साल से जिला के तीन डिपो में यह बसें वर्कशाप पर धूल हांफ रही है। आलम यह है कि सोलन के तीन डिपो में करीब 20 से अधिक बसें वर्कशाप पर खड़ी हैं। करीब एक साल पहले कलस्टर के बाहर इन बसों के न चलने के बाद निगम को इन्हें वर्कशाप पर खड़ा करना पड़ा था।
इतना समय बीतने के बाद भी अब इन बसों को किसी रूट पर चलाने से पहले निगम को इन बसों की मरम्मत के लिए अपनी जेब ढीली करनी होगी। जिला सोलन के तीन डिपों में जेएनआरयूएम के तहत वर्कशाप पर खड़ी इन बसों को चलाने से पहले एचआरटीसी को इन बसों के मेंटेनेंस पर लाखों रुपये खर्च करने होंगे। पिछले कई महीनों से बसों को न चलाने से बसें वर्कशाप पर शोपीस बनकर खड़ी हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार इन बसों को जल्द चलाने की योजना तो बना रहा है, लेकिन चालकों की कमी से योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। वहीं, जिन बसों को निगम अब सड़कों पर दौड़ने की तैयारी कर रहा है, उन्हें सड़क पर दौड़ने से पहले बसों की हालत में सुधार करना पड़ेगा। लंबे समय तक वर्कशाप पर खड़ी इन बसों की मशीनरी और बैटरियों में दिक्क्तें आ रही है।
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करवानी पड़ रही है मेंटेनेंस
जिला के तीन डिपो में से नालागढ़ में करीब 12 बसें वर्कशाप पर खड़ी हैं। परवाणू व सोलन में करीब 10 बसें वर्कशाप पर ही खड़ी है। कुछ बसों को निगम ने लोकल रूटों पर चलाना शुरू कर दिया है। वर्कशाप पर करीब एक साल से खड़ी बसों को चलाने में निगम को दिक्कतें आ सकती हैं। इन्हें रूटों पर दौड़ने से पहले विभाग को इनकी मेंटेनेंस करवानी पड़ रही है।
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आरएम नालागढ़ ने बताया कि जेएनआरयूएम के तहत चलने वाली कुछ बसों को लोकल रूटों पर चलाया गया है। लंबे समय तक बसों के खड़ी रहने के कारण इनमें कुछ दिक्क्तें आ रही है जिसे साथ साथ ठीक किया जा रहा है।