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सोलन अस्पताल से अब चर्मरोग विशेषज्ञ का तबादला, 21 डॉक्टरों की जगह 19 ही रह गए
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सोलन अस्पताल से सर्जन के बाद चर्मरोग विशेषज्ञ का तबाबला
अस्पताल में रह गए सिर्फ 19 डॉक्टर, विशेषज्ञों की ओपीडी से मायूस लौट रहे मरीज
स्वाइन फ्लू की दहशत के बीच सोलन में स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंडराया संकट
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। स्वाइन फ्लू के रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच सोलन अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सकों का पलायन भी जारी है। एक के बाद एक विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल से रुखसत हो रहे हैं। डॉक्टरों के तबादलों से सोलन में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट आ गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में शिमला और सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सकों के तबादले का सीधा असर मरीजों के उपचार और सुविधाओं पर पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में 21 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों का तबादला पिछले एक सप्ताह में हो चुका है। पहले सर्जन का तबादला हुआ और अब चर्मरोग विशेषज्ञ का तबादला आईजीएमसी के लिए हो गया है। इस वजह से चिकित्सकों की संख्या घटकर 19 ही रह गई है। आपातकालीन कक्ष में विशेषज्ञों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों की ओपीडी के बाहर मरीज इंतजार करने के बाद मरीज मायूस होकर घरों को लौट रहे हैं। कुछ माह तक सोलन अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़ हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे। यहां हालात बिगड़ने के बाद अब यह संख्या कम होकर 800 तक पहुंच गई है। लगातार विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने की वजह से मरीज दूसरे अस्पतालों का रुख करने को मजबूर है।
करीब एक साल पूर्व स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर सोलन अस्पताल परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। काफी दिन भूख हड़ताल चलने के बाद स्थानीय मंत्री के आश्वासन पर हड़ताल को खत्म कर दिया था। उस समय अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सक देने और आपातकालीन कक्ष में कम से कम पांच नियमित एमबीबीएस डॉक्टर तैनात करने का आश्वासन दिया था। यह संख्या आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इस वजह से भाजपा के स्थानीय नुमाइंदों को भी आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
खाली पदों के बारे में अधिकारियों को दी जानकारी : डॉ. गुप्ता
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि सर्जन और चर्म रोग विशेषज्ञ का तबादला सोलन अस्पताल से हो गया है। अस्पताल में अब चर्म रोग विभाग पूरी तरह से खाली हो गया है। चर्म रोग विभाग संभाल रही डॉ. रजनी का तबादला आईजीएमसी शिमला के लिए हो गया है। वे सोलन अस्पताल में लंबे समय से कार्यरत थी। डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल के खाली पदों के संबंध में आला अधिकारियों को बता दिया गया है।
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अस्पताल में रह गए सिर्फ 19 डॉक्टर, विशेषज्ञों की ओपीडी से मायूस लौट रहे मरीज
स्वाइन फ्लू की दहशत के बीच सोलन में स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंडराया संकट
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। स्वाइन फ्लू के रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच सोलन अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सकों का पलायन भी जारी है। एक के बाद एक विशेषज्ञ चिकित्सक अस्पताल से रुखसत हो रहे हैं। डॉक्टरों के तबादलों से सोलन में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा संकट आ गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में शिमला और सिरमौर से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सकों के तबादले का सीधा असर मरीजों के उपचार और सुविधाओं पर पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में 21 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं जिनमें से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों का तबादला पिछले एक सप्ताह में हो चुका है। पहले सर्जन का तबादला हुआ और अब चर्मरोग विशेषज्ञ का तबादला आईजीएमसी के लिए हो गया है। इस वजह से चिकित्सकों की संख्या घटकर 19 ही रह गई है। आपातकालीन कक्ष में विशेषज्ञों को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों की ओपीडी के बाहर मरीज इंतजार करने के बाद मरीज मायूस होकर घरों को लौट रहे हैं। कुछ माह तक सोलन अस्पताल में रोजाना करीब डेढ़ हजार मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे। यहां हालात बिगड़ने के बाद अब यह संख्या कम होकर 800 तक पहुंच गई है। लगातार विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने की वजह से मरीज दूसरे अस्पतालों का रुख करने को मजबूर है।
करीब एक साल पूर्व स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर सोलन अस्पताल परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। काफी दिन भूख हड़ताल चलने के बाद स्थानीय मंत्री के आश्वासन पर हड़ताल को खत्म कर दिया था। उस समय अस्पताल में अतिरिक्त चिकित्सक देने और आपातकालीन कक्ष में कम से कम पांच नियमित एमबीबीएस डॉक्टर तैनात करने का आश्वासन दिया था। यह संख्या आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इस वजह से भाजपा के स्थानीय नुमाइंदों को भी आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
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खाली पदों के बारे में अधिकारियों को दी जानकारी : डॉ. गुप्ता
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि सर्जन और चर्म रोग विशेषज्ञ का तबादला सोलन अस्पताल से हो गया है। अस्पताल में अब चर्म रोग विभाग पूरी तरह से खाली हो गया है। चर्म रोग विभाग संभाल रही डॉ. रजनी का तबादला आईजीएमसी शिमला के लिए हो गया है। वे सोलन अस्पताल में लंबे समय से कार्यरत थी। डॉ. महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल के खाली पदों के संबंध में आला अधिकारियों को बता दिया गया है।
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