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सरकारी एजेंसियों के खिलाफ निजी स्कूल प्रबंधन लामबंद
Updated Thu, 12 Oct 2017 10:38 PM IST
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सेंट ल्यूक्स स्कूल में अांदोलन करते शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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सोलन। भारत निजी स्कूल एसोसिएशन के आह्वान पर वीरवार को सेंट ल्यूक्स स्कूल में काला दिवस मनाया गया। सभी अध्यापकों एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया। कक्षाओं का संचालन हर दिवस की भांति सुचारु रूप से होता रहा। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि सरकारी एजेंसियां लगातार निजी स्कूल प्रबंधन में दखल दे रही हैं। हर ऐजेंसी के अपने दिशानिर्देश हैं। इन सबको अमल में लाना वास्तविकता से बहुत परे है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सारी जिम्मेवारी अध्यापकों और प्रबंधकों पर थोपना, पहले से ही प्रशिक्षित अध्यापकों को फिर से प्रशिक्षण पर भेजने को कहना और हर एक व्यक्ति के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षा पास करने के फरमानों का एसोसिएशन विरोध जता रही है। स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों के चरित्र पर यह फरमान प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। स्कूल प्रबंधन माननीय सुप्रीमकोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार ही स्कूल चलाने की व्यवस्था करते हैं और अगर कुछ नए दिशानिर्देश जारी होते हैं तो उन्हें समय रहते पूरा किया जाता है। मुख्य अध्यापिका इजाबेला एग्निस ने बताया कि हर दिन इन एजेंसियों का दखल स्कूलों में कार्यरत स्टाफ में असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा है। इससे अध्यापन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर सारी जिम्मेवारी अध्यापकों और प्रबंधकों पर थोपना, पहले से ही प्रशिक्षित अध्यापकों को फिर से प्रशिक्षण पर भेजने को कहना और हर एक व्यक्ति के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षा पास करने के फरमानों का एसोसिएशन विरोध जता रही है। स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों के चरित्र पर यह फरमान प्रश्न चिन्ह लगाते हैं। स्कूल प्रबंधन माननीय सुप्रीमकोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार ही स्कूल चलाने की व्यवस्था करते हैं और अगर कुछ नए दिशानिर्देश जारी होते हैं तो उन्हें समय रहते पूरा किया जाता है। मुख्य अध्यापिका इजाबेला एग्निस ने बताया कि हर दिन इन एजेंसियों का दखल स्कूलों में कार्यरत स्टाफ में असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहा है। इससे अध्यापन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
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