{"_id":"5b80068f42c79246344b294c","slug":"161535116943-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नालागढ़ में साथी का सिर कुचलकर हत्या करने और शव को रेलवे ट्रैक पर डालने वाले को उम्रकैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नालागढ़ में साथी का सिर कुचलकर हत्या करने और शव को रेलवे ट्रैक पर डालने वाले को उम्रकैद की सजा
Updated Fri, 24 Aug 2018 11:33 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। सत्र न्यायाधीश सोलन भूपेश शर्मा की अदालत ने शराब के नशे में साथी की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर डालने के आरोपी नरेश कुमार निवासी हाउस नंबर 3959, गली नंबर 106, अपैक्स मार्ग, संत नगर बुरारी, दिल्ली-84 को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में कुल 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। मामला 2013 का है जब 26 वर्षीय राजीव कुमार पुत्र मंगत राम निवासी डाड, तहसील भोरंज जिला हमीरपुर नालागढ़ जगातखाना में बलराज इंजीनियरिंग वर्कर्स में बतौर मशीन हेल्पर कार्यरत था। वह जगातखाना में एक अन्य युवक राजेश कुमार के साथ किराये पर कमरा लेकर रह रहा था।
13 अप्रैल 2013 की रात को वह अपने किराये के कमरे से अचानक गायब हो गया। 19 अप्रैल को राजीव के पिता को उसकी कंपनी बलराज इंजीनियरिंग वर्कर्स की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें लिखा गया था कि राजीव पिछली 14 अप्रैल से काम पर नहीं आया है। राजीव के पिता मंगत राम ने अपने बेटे को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन नहीं ढूंढ पाए। इसके बाद मंगत राम 22 अप्रैल को नालागढ़ पहुंचे और बेटे की तलाश शुरू की। मंगत राम ने 23 अप्रैल 2013 को बेटे राजीव की गुमशुदगी का मामला पुलिस में दर्ज करवा दिया।
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इस बीच 27 अप्रैल को मंगत राम को राजीव के साथी राजेश कुमार ने बताया कि 13 अप्रैल की रात को राजीव अपने कमरे में दो अन्य युवकों नरेश कुमार व विजय कुमार के साथ बैठकर शराब पी रहा था। देर रात करीब एक बजे वे तीनों मोटरसाइकिल नंबर एचपी-12सी-1621 पर कमरे से निकल गए थे। लेकिन, अगले दिन सुबह सिर्फ नरेश और विजय कुमार ही वापस लौटे और राजीव उनके साथ नहीं था। इसके बाद 28 अप्रैल को पुलिस ने नालागढ़ थाना के तहत केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने नौ मई 2013 को नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया जबकि विजय कुमार फरार हो गया जिसका अभी तक कोई अतापता नहीं है।
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पुलिस पूछताछ में नरेश कुमार ने कबूल किया कि शराब के नशे में उनकी राजीव कुमार के साथ नोंकझोंक हो गई थी। इसके बाद वे उसे रेलवे ट्रैक पर ले गए जहां उसके सिर पर पहले बोतल मार दी और फिर पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद राजीव कुमार के शव को रेलवे ट्रैक पर डाल दिया ताकि मामला हादसे की तरह दिखे। पूरे मामले की तफतीश खत्म होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। यहां न्यायाधीश ने अभियुक्त नरेश कुमार को उम्रकैद की सजा सुना दी। इस केस की पैरवी जिला न्यायवादी संजय चौहान ने की है।