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बद्दी हाउसिंग बोर्ड में चार दर्जन से अधिक परिवार खाली कर चुके हैं मकान
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अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी(सोलन)। नगर परिषद बद्दी का रिहायशी क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड फेस-1 और 2 के लोग वर्तमान में सुविधाओं के टभावन में जी रहे हैं। नगर परिषद की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर पचास से ज्यादा परिवार हाउसिंग बोर्ड छोड़ चुके हैं। वार्ड नं-9 के हाउसिंग बोर्ड फेस-1, 2 व 3 के साथ गांव बिल्लांवाली लबाणा, बिल्लांवाली गुजरां को जोड़ा गया है। यहां पर हमेशा भेदभाव की शिकायतें आती रहती हैं।
बद्दी का पॉश रिहायशी एरिया हाउसिंग बोर्ड उपेक्षा का शिकार रहा है। पिछले लगभग दो वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च करके डाली गई नई सीवरेज लाइन के शुरू न हो पाने के कारण हर रोज गलियों में अक्सर सीवरेज ओवरफ्लो होती है। सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वेलफेयर सोसायटी फेस-दो के अध्यक्ष संजीव कौशल, महासचिव दर्शन पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष पवन जिंदल, डीएन सूद का कहना है कि नगर परिषद केवल नक्शे पास करने का महकमा बन कर रह गया है और लोगों को सुविधाओं के नाम पर ठगा जा रहा है।
उन्होंने संयुक्त बयान में कहा कि नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित चेयरमैन के बदलने से उम्मीद जगी थी लेकिन तीन महीने भाजपा समर्थित चेयरमैन बनने के बाद भी हालात जस के तस हैं। किसी भी नेता और अधिकारी में कोई फर्क नहीं है। लोग अपने बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता को लेकर यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 50 परिवार हाउसिंग बोर्ड छोड़कर ओमैक्स चंडीगढ़, पंचकूला शिफ्ट हो चुके हैं। इस कारण से प्रदेश सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है। सोसायटी के प्रधान संजीव कौशल का कहना है कि यदि नेताओं ओर अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदली तो आम जनमा के साथ आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसी के साथ शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की जाएगी।
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बद्दी(सोलन)। नगर परिषद बद्दी का रिहायशी क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड फेस-1 और 2 के लोग वर्तमान में सुविधाओं के टभावन में जी रहे हैं। नगर परिषद की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर पचास से ज्यादा परिवार हाउसिंग बोर्ड छोड़ चुके हैं। वार्ड नं-9 के हाउसिंग बोर्ड फेस-1, 2 व 3 के साथ गांव बिल्लांवाली लबाणा, बिल्लांवाली गुजरां को जोड़ा गया है। यहां पर हमेशा भेदभाव की शिकायतें आती रहती हैं।
बद्दी का पॉश रिहायशी एरिया हाउसिंग बोर्ड उपेक्षा का शिकार रहा है। पिछले लगभग दो वर्षों से करोड़ों रुपये खर्च करके डाली गई नई सीवरेज लाइन के शुरू न हो पाने के कारण हर रोज गलियों में अक्सर सीवरेज ओवरफ्लो होती है। सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है जिसके कारण पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वेलफेयर सोसायटी फेस-दो के अध्यक्ष संजीव कौशल, महासचिव दर्शन पाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष पवन जिंदल, डीएन सूद का कहना है कि नगर परिषद केवल नक्शे पास करने का महकमा बन कर रह गया है और लोगों को सुविधाओं के नाम पर ठगा जा रहा है।
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उन्होंने संयुक्त बयान में कहा कि नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित चेयरमैन के बदलने से उम्मीद जगी थी लेकिन तीन महीने भाजपा समर्थित चेयरमैन बनने के बाद भी हालात जस के तस हैं। किसी भी नेता और अधिकारी में कोई फर्क नहीं है। लोग अपने बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता को लेकर यहां से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान करीब 50 परिवार हाउसिंग बोर्ड छोड़कर ओमैक्स चंडीगढ़, पंचकूला शिफ्ट हो चुके हैं। इस कारण से प्रदेश सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हो रहा है। सोसायटी के प्रधान संजीव कौशल का कहना है कि यदि नेताओं ओर अधिकारियों ने अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदली तो आम जनमा के साथ आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसी के साथ शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की जाएगी।
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