{"_id":"5b951d9d867a557ec97f144b","slug":"151536499101-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीबीएन में भी 100 से अधिक निजी बसों के चक्के रहेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीबीएन में भी 100 से अधिक निजी बसों के चक्के रहेंगे
Updated Sun, 09 Sep 2018 06:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीबीएन में थमेंगे 100 से अधिक निजी बसों के पहिये
सरकारी बसों पर रहेगा दारोमदार
आगामी दिनों में उद्योगों में लगी बसें भी करेंगी हड़ताल में सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। आज यदि घर से निकलकर कहीं सफर करने जा रहे हैं तो निश्चित तौर पर यह जान लें कि सोमवार को निजी बसें नहीं चलेगी। सिर्फ एचआरटीसी की बसेें ही लोगों को सेवाएं देंगी। निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। ऑपरेटरों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यदि बस ऑपरेटरों की मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी दिनों में निजी बसों की इस हड़ताल में उद्योगों में लगी प्राइवेट बसें भी शामिल होंगी। इससे उद्योग जगत को भी इसका असर देखने को मिलेगा। प्रदेश भर में निजी बस ऑपरेटरों की हो रही हड़ताल को लेकर बीबीएन की प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन ने अपनी बसें न चलाने का निर्णय लिया है। इससे क्षेत्र में चल रही करीब 100 से अधिक बसों के करीब 500 ट्रिप प्रभावित होंगे।
नालागढ़ प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान ओमप्रकाश ने कहा कि डीजल के दामों में 40 से अब 70 रुपये की वृद्धि हो चुकी है। बस किराया उस समय निर्धारित किया गया था जब डीजल के दाम 40 रुपये थे। उसके बाद आज दिन तक बस किराया नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि बारंबार डीजल के दामों में हो रही वृद्धि से बस ऑपरेटरों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है और सरकार निजी बस ऑपरेटरों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि निजी बसों के खर्चों में वृद्धि हुई है। स्पेयर पार्ट व इंश्योरेंस की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, लेकिन बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में लगे हुए ट्रकों के माल भाड़े यूनियन व औद्योगिक संगठनों के बीच करार होता है जिसके तहत डीजल की दरें बढ़ने पर किराया बढ़ता है। डीजल की कीमतें कम होने पर किराया कम होता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था निजी बसों के लिए भी होनी चाहिए और डीजल की दरें घटने-बढ़ने के अनुरूप ही बसों के किराये घटने-बढ़ने चाहिए।
आरएम एचआरटीसी नालागढ़ डिपो जोगिंद्र चौधरी ने कहा कि नालागढ़ डिपो के तहत करीब 115 बसें 70 रूटों पर करीब 190 ट्रिपों पर चलती हैं। जिन रूटों व ट्रिपों पर अत्यधिकता है और सवारियां अधिक हैं, वहां पर सरकारी बसों को भेजा जाएगा जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी बसों पर रहेगा दारोमदार
आगामी दिनों में उद्योगों में लगी बसें भी करेंगी हड़ताल में सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। आज यदि घर से निकलकर कहीं सफर करने जा रहे हैं तो निश्चित तौर पर यह जान लें कि सोमवार को निजी बसें नहीं चलेगी। सिर्फ एचआरटीसी की बसेें ही लोगों को सेवाएं देंगी। निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। ऑपरेटरों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। यदि बस ऑपरेटरों की मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी दिनों में निजी बसों की इस हड़ताल में उद्योगों में लगी प्राइवेट बसें भी शामिल होंगी। इससे उद्योग जगत को भी इसका असर देखने को मिलेगा। प्रदेश भर में निजी बस ऑपरेटरों की हो रही हड़ताल को लेकर बीबीएन की प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन ने अपनी बसें न चलाने का निर्णय लिया है। इससे क्षेत्र में चल रही करीब 100 से अधिक बसों के करीब 500 ट्रिप प्रभावित होंगे।
नालागढ़ प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान ओमप्रकाश ने कहा कि डीजल के दामों में 40 से अब 70 रुपये की वृद्धि हो चुकी है। बस किराया उस समय निर्धारित किया गया था जब डीजल के दाम 40 रुपये थे। उसके बाद आज दिन तक बस किराया नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि बारंबार डीजल के दामों में हो रही वृद्धि से बस ऑपरेटरों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही है और सरकार निजी बस ऑपरेटरों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि निजी बसों के खर्चों में वृद्धि हुई है। स्पेयर पार्ट व इंश्योरेंस की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, लेकिन बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों में लगे हुए ट्रकों के माल भाड़े यूनियन व औद्योगिक संगठनों के बीच करार होता है जिसके तहत डीजल की दरें बढ़ने पर किराया बढ़ता है। डीजल की कीमतें कम होने पर किराया कम होता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था निजी बसों के लिए भी होनी चाहिए और डीजल की दरें घटने-बढ़ने के अनुरूप ही बसों के किराये घटने-बढ़ने चाहिए।
विज्ञापन
आरएम एचआरटीसी नालागढ़ डिपो जोगिंद्र चौधरी ने कहा कि नालागढ़ डिपो के तहत करीब 115 बसें 70 रूटों पर करीब 190 ट्रिपों पर चलती हैं। जिन रूटों व ट्रिपों पर अत्यधिकता है और सवारियां अधिक हैं, वहां पर सरकारी बसों को भेजा जाएगा जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन