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परवाणू में प्रदूषण बोर्ड ने 09 उद्योगों के काटे बिजली कनैक्शन
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:46 PM IST
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परवाणू (सोलन)। औद्योगिक शहर परवाणू में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वाले नौ उद्योगों पर शिकंजा कसा दिया है। कोर्ट केे आदेशों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बिजली बोर्ड को सभी नौ उद्योगों के कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे। इस पर विद्युत बोर्ड ने अमल करते हुए उद्योगों के कनेक्शन काट दिए हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि परवाणू में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ मामले में कोर्ट ने जिन उद्योगों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं वह सभी बड़ी कंपनियां मानी जाती हैं। ऐसे में सवाल यह खड़े होते हैं कि जब शहर में नामी और बड़े उद्योग ही पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं तो अन्य की हालत क्या होगी। इन सभी उद्योगों में अपने कचरों के निपटान करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। बताया जा रहा है कि सभी उद्योगों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के सही इंतजाम नहीं थे। इस कारण उद्योगों पर सॉलिड वेस्ट को खुले में फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर दोषी पाया गया है। इस कारण ही इस कार्रवाई को अमल में लाया गया है।
परवाणू में हैं साढ़े चार सौ उद्योग
परवाणू शहर में मौजूदा समय में करीब 450 उद्योग हैं। लेकिन इनमें से कई उद्योगों द्वारा प्रदूषण बोर्ड के नियमों को ठेंगा दिखाया जाता है। यहां पर नालियों, नदियों और उद्योगों के आसपास उद्योग अपने कचरों को फेंक देते हैं या फिर उन्हें आग लगाकर ठिकाने लगाया जाता है। इससे परवाणू शहर में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। यहां पर कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद हुई कार्रवाई से उद्योगों में खलबली मची है। लेकिन देखना यह होगा कि इस कार्रवाई से परवाणू में पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ में कितना विराम लगता है। परवाणू शहर में प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले उद्योगों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है। इससे पहले प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी उद्योग के खिलाफ किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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चूल्हा उद्योगों पर अभी भी बोर्ड मेहरबान
परवाणू शहर में सबसे अधिक पर्यावरण के साथ खिलवाड़ यहां पर लगे कुछ चूल्हा उद्योग कर रहें हैं। लेकिन प्रदूषण बोर्ड इन सभी चूल्हा उद्योगों पर अभी भी मेहरबान दिख रहा है। इस कारण अभी तक इन चूल्हा उद्योगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कोर्ट आदेश पर हुई कार्रवाई : सहगल
प्रदूषण बोर्ड परवाणू के अधिशासी अभियंता ने बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई है। इसके बाद ही इन उद्योगों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। बिजली बोर्ड परवाणू के अधिशासी अभियंता अनिल सहगल ने बताया कि प्रदूषण बोर्ड से नौ उद्योगों के बिजली के कनेक्शन काटने के लिए नोटिस मिले थे। इसके बाद सभी के कनेक्शन काटे गए।
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हैरानी की बात तो यह है कि परवाणू में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ मामले में कोर्ट ने जिन उद्योगों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं वह सभी बड़ी कंपनियां मानी जाती हैं। ऐसे में सवाल यह खड़े होते हैं कि जब शहर में नामी और बड़े उद्योग ही पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं तो अन्य की हालत क्या होगी। इन सभी उद्योगों में अपने कचरों के निपटान करने के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। बताया जा रहा है कि सभी उद्योगों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के सही इंतजाम नहीं थे। इस कारण उद्योगों पर सॉलिड वेस्ट को खुले में फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर दोषी पाया गया है। इस कारण ही इस कार्रवाई को अमल में लाया गया है।
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परवाणू में हैं साढ़े चार सौ उद्योग
परवाणू शहर में मौजूदा समय में करीब 450 उद्योग हैं। लेकिन इनमें से कई उद्योगों द्वारा प्रदूषण बोर्ड के नियमों को ठेंगा दिखाया जाता है। यहां पर नालियों, नदियों और उद्योगों के आसपास उद्योग अपने कचरों को फेंक देते हैं या फिर उन्हें आग लगाकर ठिकाने लगाया जाता है। इससे परवाणू शहर में प्रदूषण भी बढ़ता जा रहा है। यहां पर कोर्ट से आदेश जारी होने के बाद हुई कार्रवाई से उद्योगों में खलबली मची है। लेकिन देखना यह होगा कि इस कार्रवाई से परवाणू में पर्यावरण के साथ हो रहे खिलवाड़ में कितना विराम लगता है। परवाणू शहर में प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले उद्योगों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है। इससे पहले प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी उद्योग के खिलाफ किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
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चूल्हा उद्योगों पर अभी भी बोर्ड मेहरबान
परवाणू शहर में सबसे अधिक पर्यावरण के साथ खिलवाड़ यहां पर लगे कुछ चूल्हा उद्योग कर रहें हैं। लेकिन प्रदूषण बोर्ड इन सभी चूल्हा उद्योगों पर अभी भी मेहरबान दिख रहा है। इस कारण अभी तक इन चूल्हा उद्योगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कोर्ट आदेश पर हुई कार्रवाई : सहगल
प्रदूषण बोर्ड परवाणू के अधिशासी अभियंता ने बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई है। इसके बाद ही इन उद्योगों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। बिजली बोर्ड परवाणू के अधिशासी अभियंता अनिल सहगल ने बताया कि प्रदूषण बोर्ड से नौ उद्योगों के बिजली के कनेक्शन काटने के लिए नोटिस मिले थे। इसके बाद सभी के कनेक्शन काटे गए।