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हड़ताल पर गए जोमैटो के 150 कर्मचारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में जोमैटो कंपनी के लगभग 150 कर्मचारियों ने कंपनी की नीतियों को लेकरमोर्चा खोल दिया है। सभी कर्मचारियों ने अपनी लॉग इन आईडी बंद कर दी है।
जोमैटो कंपनी के कर्मचारी मनीष गुप्ता, संदीप सैनी, सिमरजीत सिंह, विजय कुमार, सोनू सिंह, रमन कुमार ने बताया कि जोमैटो कंपनी ने डिलीवरी के लिए नए नियम लागू किए हैं। इससे उन्हें डिलीवरी करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और उनकी कमाई पर भी खासा असर पड़ेगा।
इसे लेकर रविवार को सभी कर्मचारियों ने जोमैटो की अपनी लॉग इन आईडी बंद कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि जोमैटो न उन्हें एक्सिडेंटल क्लेम देती है और न ही उनकी कोई समस्या सुनती है। यहां तक कि उन्हें पीएफ और ईएसआई की सुविधा नहीं मिल रही है।
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हाल ही में उनके साथ काम कर रहे एक युवक की मृत्यु डिलीवरी के दौरान हुई। एक डिलीवरी ब्वॉय की टांग एक्सीडेंट के कारण काटनी पड़ी जिसका इलाज सब ने मिलकर अपनी जेब से करवाया। जोमैटो कंपनी ने उनकी कोई भी मदद समय पर नहीं की।
युवाओं का कहना है कि जोमैटो कंपनी उनका शोषण कर रही है। मुख्यमंत्री शिकायत केंद्र में शिकायत भेजी तो उन्हें जवाब मिला कि यह कंपनी उनके दायरे से बाहर है और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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बरोटीवाला (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में जोमैटो कंपनी के लगभग 150 कर्मचारियों ने कंपनी की नीतियों को लेकरमोर्चा खोल दिया है। सभी कर्मचारियों ने अपनी लॉग इन आईडी बंद कर दी है।
जोमैटो कंपनी के कर्मचारी मनीष गुप्ता, संदीप सैनी, सिमरजीत सिंह, विजय कुमार, सोनू सिंह, रमन कुमार ने बताया कि जोमैटो कंपनी ने डिलीवरी के लिए नए नियम लागू किए हैं। इससे उन्हें डिलीवरी करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और उनकी कमाई पर भी खासा असर पड़ेगा।
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इसे लेकर रविवार को सभी कर्मचारियों ने जोमैटो की अपनी लॉग इन आईडी बंद कर दी है। कर्मचारियों का कहना है कि जोमैटो न उन्हें एक्सिडेंटल क्लेम देती है और न ही उनकी कोई समस्या सुनती है। यहां तक कि उन्हें पीएफ और ईएसआई की सुविधा नहीं मिल रही है।
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हाल ही में उनके साथ काम कर रहे एक युवक की मृत्यु डिलीवरी के दौरान हुई। एक डिलीवरी ब्वॉय की टांग एक्सीडेंट के कारण काटनी पड़ी जिसका इलाज सब ने मिलकर अपनी जेब से करवाया। जोमैटो कंपनी ने उनकी कोई भी मदद समय पर नहीं की।
युवाओं का कहना है कि जोमैटो कंपनी उनका शोषण कर रही है। मुख्यमंत्री शिकायत केंद्र में शिकायत भेजी तो उन्हें जवाब मिला कि यह कंपनी उनके दायरे से बाहर है और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।