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विद्यार्थियों को वर्दी देने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। जिले भर के सरकारी स्कूलों में इस बार विद्यार्थियों को वर्दी के दो सेट दिए जाएंगे। इसमें वर्दी की सिलाई को 200 रुपये भी दिए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे पहले आचार संहिता के चलते विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी नहीं मिल पा रही थी।
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने चुनाव आयोग से बच्चों को वर्दी देने के लिए अनुमति मांगी थी। इसके बाद वर्दी प्रदान करने के लिए अनुमति दी जा चुकी है। इसके आवंटन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इस माह के अंत तक विद्यार्थियों को वर्दी दे दी जाएगी। वर्तमान समय में वर्दी न मिलने पर कुछ विद्यार्थी पुरानी वर्दी में और कुछ विद्यार्थी बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
सरकार की स्मार्ट वर्दी के चक्कर में अभिभावक स्वयं भी वर्दी नहीं खरीद पा रहे हैं और न ही स्कूलों में बच्चों को वर्दी मिल पाई है। इससे अब अधिकतर बच्चों के पास वर्दी ही नहीं है या फिर फटी-पुरानी है। इस बार जिला भर के करीब 50 हजार विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिल पाया है।
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शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने बताया कि स्मार्ट वर्दी को स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार बच्चों को दो वर्ष की वर्दी एक साथ दी जाएगी। बच्चों को वर्दी सिलवाने के लिए सिलाई फीस भी दी जाएगी। अप्रैल माह के अंत तक बच्चों को वर्दी दे दी जाएगी।
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सोलन। जिले भर के सरकारी स्कूलों में इस बार विद्यार्थियों को वर्दी के दो सेट दिए जाएंगे। इसमें वर्दी की सिलाई को 200 रुपये भी दिए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इससे पहले आचार संहिता के चलते विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी नहीं मिल पा रही थी।
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने चुनाव आयोग से बच्चों को वर्दी देने के लिए अनुमति मांगी थी। इसके बाद वर्दी प्रदान करने के लिए अनुमति दी जा चुकी है। इसके आवंटन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इस माह के अंत तक विद्यार्थियों को वर्दी दे दी जाएगी। वर्तमान समय में वर्दी न मिलने पर कुछ विद्यार्थी पुरानी वर्दी में और कुछ विद्यार्थी बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
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सरकार की स्मार्ट वर्दी के चक्कर में अभिभावक स्वयं भी वर्दी नहीं खरीद पा रहे हैं और न ही स्कूलों में बच्चों को वर्दी मिल पाई है। इससे अब अधिकतर बच्चों के पास वर्दी ही नहीं है या फिर फटी-पुरानी है। इस बार जिला भर के करीब 50 हजार विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिल पाया है।
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शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने बताया कि स्मार्ट वर्दी को स्कूली बच्चों तक पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार बच्चों को दो वर्ष की वर्दी एक साथ दी जाएगी। बच्चों को वर्दी सिलवाने के लिए सिलाई फीस भी दी जाएगी। अप्रैल माह के अंत तक बच्चों को वर्दी दे दी जाएगी।