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्रक हड़ताल से परवाणू में करोड़ों रुपये का नुकसान, यार्ड में खड़े हैं डेढ़ हजार ट्रक
Updated Mon, 23 Jul 2018 06:16 PM IST
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परवाणू सेब मंडी से बाहर नहीं जा रहा सेब
ट्रक हड़ताल से परवाणू में करोड़ों रुपये का नुकसान, यार्ड में खड़े डेढ़ हजार ट्रक
बाहरी राज्यों के लिए सेब नहीं जाने से दाम गिरने का अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल का असर परवाणू में दिखना शुरू हो गया है। परवाणू में करीब 1500 ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं। ट्रकों के न चलने से सबसे अधिक नुकसान सेब मंडी को झेलना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मंडी तक सेब पहुंचने के बाद उसे बाहरी राज्यों में सप्लाई नहीं किया जा रहा है। उद्योगों में ट्रक हड़ताल का काफी असर देखने को मिल रहा है। चार दिनों में उद्योगों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। परवाणू सेब मंडी में हिमाचल का सेब रोज पहुंच रहा है लेकिन हड़ताल के कारण व्यापारियों और बागवानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। परवाणू औद्योगिक संघ के उपाध्यक्ष अनिल सहगल ने बताया कि ट्रकों की देशव्यापी हड़ताल से परवाणू के उद्योगों को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि न तो बाहरी राज्यों से आने वाला कच्चा माल पहुंच रहा है और न ही यहां से उत्पादन किया माल बाहर जा पा रहा है।
सेब पर भारी पड़ रही हड़ताल : हनी
सेब मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य हनी राठौर ने बताया कि हड़ताल से सेब सीजन पर भारी असर पड़ रहा है। बाहरी राज्यों के लिए ट्रक न जाने से सेब के दामों में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि सेब मंडी तक पहुंच रहा है लेकिन ट्रक न चलने के कारण इसे बाहर भेजने में दिक्क्तें हो रही है।
कंद्र सरकार से अब तक नहीं हुई कोई बात : विद्यारतन
ऑल हिमाचल ट्रक फेडरेशन के चेयरमैन चौधरी विद्यारतन ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार से कोई वार्ता नही हुई है और ट्रांसपोर्टर भी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस आगामी फैसला नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी ।
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ट्रक हड़ताल से परवाणू में करोड़ों रुपये का नुकसान, यार्ड में खड़े डेढ़ हजार ट्रक
बाहरी राज्यों के लिए सेब नहीं जाने से दाम गिरने का अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल का असर परवाणू में दिखना शुरू हो गया है। परवाणू में करीब 1500 ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं। ट्रकों के न चलने से सबसे अधिक नुकसान सेब मंडी को झेलना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मंडी तक सेब पहुंचने के बाद उसे बाहरी राज्यों में सप्लाई नहीं किया जा रहा है। उद्योगों में ट्रक हड़ताल का काफी असर देखने को मिल रहा है। चार दिनों में उद्योगों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। परवाणू सेब मंडी में हिमाचल का सेब रोज पहुंच रहा है लेकिन हड़ताल के कारण व्यापारियों और बागवानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। परवाणू औद्योगिक संघ के उपाध्यक्ष अनिल सहगल ने बताया कि ट्रकों की देशव्यापी हड़ताल से परवाणू के उद्योगों को प्रतिदिन करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि न तो बाहरी राज्यों से आने वाला कच्चा माल पहुंच रहा है और न ही यहां से उत्पादन किया माल बाहर जा पा रहा है।
सेब पर भारी पड़ रही हड़ताल : हनी
सेब मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य हनी राठौर ने बताया कि हड़ताल से सेब सीजन पर भारी असर पड़ रहा है। बाहरी राज्यों के लिए ट्रक न जाने से सेब के दामों में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा कि सेब मंडी तक पहुंच रहा है लेकिन ट्रक न चलने के कारण इसे बाहर भेजने में दिक्क्तें हो रही है।
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कंद्र सरकार से अब तक नहीं हुई कोई बात : विद्यारतन
ऑल हिमाचल ट्रक फेडरेशन के चेयरमैन चौधरी विद्यारतन ने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार से कोई वार्ता नही हुई है और ट्रांसपोर्टर भी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती और ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस आगामी फैसला नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी ।
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