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सर्वोच्च बलिदान पर मिले सम्मान से छलकी आंखें
Updated Fri, 30 Mar 2018 10:25 PM IST
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सोलन में सैनिकों के सम्मान में अायोजित समारोह का उद्घाटन करते सेना अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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सोलन। सर्वोच्च बलिदान पर पुरस्कार समारोह में अपनों का नाम सुनते ही मंच पर मौजूद वीर नारियों की आंखों में आंसू छलक आए। वे उस यादगार पल को फिर से महसूस कर रही थीं जब उनके अपने वर्दी में देश सेवा के लिए हर वक्त तैयार रहते थे। सोलन में पूर्व सैनिकों के लिए आयोजित इस रैली में 1200 से अधिक सैनिकों, वीर नारियों और सैनिक विधवाओं ने हिस्सा लिया। भारतीय सेना की पाईन डिवीजन के जीओसी मेजर जरनल अतुल्य सोलंकी ने शुक्रवार को सैन्य केंद्र सोलन में पूर्व सैनिकों के लिए एक विशाल रैली का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि पूरा देश भारतीय सेना के उन सभी पूर्व सैनिकों का ऋणी है जिन्होंने देश की बाहरी और आंतरिक खतरों से सुरक्षा की। सेना सदैव अपने पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों एवं आश्रितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, भारतीय सेना तथा विभिन्न राज्य सरकारें पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों तथा आश्रितों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और सहायता प्रदान करती हैं। पाईन डिवीजन के जीओसी ने कहा कि पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं को समय पर सुलझाना भारतीय सेना की प्रतिबद्धता है। केंद्र तथा राज्य सरकारों के सहयोग से इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
डीसी विनोद कुमार ने सोलन, शिमला तथा सिरमौर जिलों के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा सैनिक विधवाओं के लिए इस रैली के आयोजन के लिए सैन्य प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है तथा हिमाचली सपूतों ने भी अन्य रणबांकुरों के साथ मिलकर देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी है।
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पूर्व सैनिकों और आश्रितों की सुनीं समस्याएं
रैली में पूर्व सैन्य अधिकारियों, सैनिकों के साथ सेवारत सैन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। रैली का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं को हल करना था। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विभिन्न स्टाल स्थापित किए। पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए सेना अभिलेख कार्यालय के छह स्टॉल स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त जिला सैनिक बोर्ड, स्वास्थ्य और अन्य स्टॉल भी लगाए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। जिला प्रशासन ने पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए समस्या समाधान प्रकोष्ठ लगाया।
इनको मिला सम्मान
सैन्य ऑपरेशन में अपनी जान दांव पर लगाने और घायल होने के बावजूद मोर्चे पर डटे रहकर अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों को इस मौके पर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में 15 ग्रेनेडियर के पूर्व सिपाही अरुण पाल, 14- महार के सूबेदार जनक राज और 11-डोगरा के सिपाही संदीप कुमार चौहान को मोडिफाईड ऑटो स्कूटर, 153-मेडिकल रेजीमेंट के पूर्व सिपाही सुरेंद्र कुमार को ऑटो व्हील चेयर और 8-डोगरा के पूर्व सिपाही सुनील कुमार को हस्त चालित व्हील चेयर प्रदान की गई। इस मौके पर करीब 35 वीर नारियों तथा 94 सैनिक विधवाओं को सम्मानित भी किया गया।
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उन्होंने कहा कि पूरा देश भारतीय सेना के उन सभी पूर्व सैनिकों का ऋणी है जिन्होंने देश की बाहरी और आंतरिक खतरों से सुरक्षा की। सेना सदैव अपने पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों एवं आश्रितों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, भारतीय सेना तथा विभिन्न राज्य सरकारें पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों तथा आश्रितों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और सहायता प्रदान करती हैं। पाईन डिवीजन के जीओसी ने कहा कि पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं को समय पर सुलझाना भारतीय सेना की प्रतिबद्धता है। केंद्र तथा राज्य सरकारों के सहयोग से इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
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डीसी विनोद कुमार ने सोलन, शिमला तथा सिरमौर जिलों के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा सैनिक विधवाओं के लिए इस रैली के आयोजन के लिए सैन्य प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीर भूमि है तथा हिमाचली सपूतों ने भी अन्य रणबांकुरों के साथ मिलकर देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी है।
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पूर्व सैनिकों और आश्रितों की सुनीं समस्याएं
रैली में पूर्व सैन्य अधिकारियों, सैनिकों के साथ सेवारत सैन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। रैली का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं को हल करना था। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विभिन्न स्टाल स्थापित किए। पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए सेना अभिलेख कार्यालय के छह स्टॉल स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त जिला सैनिक बोर्ड, स्वास्थ्य और अन्य स्टॉल भी लगाए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया। जिला प्रशासन ने पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए समस्या समाधान प्रकोष्ठ लगाया।
इनको मिला सम्मान
सैन्य ऑपरेशन में अपनी जान दांव पर लगाने और घायल होने के बावजूद मोर्चे पर डटे रहकर अदम्य साहस का परिचय देने वाले सेना के जवानों को इस मौके पर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में 15 ग्रेनेडियर के पूर्व सिपाही अरुण पाल, 14- महार के सूबेदार जनक राज और 11-डोगरा के सिपाही संदीप कुमार चौहान को मोडिफाईड ऑटो स्कूटर, 153-मेडिकल रेजीमेंट के पूर्व सिपाही सुरेंद्र कुमार को ऑटो व्हील चेयर और 8-डोगरा के पूर्व सिपाही सुनील कुमार को हस्त चालित व्हील चेयर प्रदान की गई। इस मौके पर करीब 35 वीर नारियों तथा 94 सैनिक विधवाओं को सम्मानित भी किया गया।