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महिलाएं संकट में शक्ति ऐप का करें इस्तेमाल, तुरंत मिलेगी मदद

Tue, 04 Dec 2018 10:48 PM IST
Updated Tue, 04 Dec 2018 10:48 PM IST
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महिलाएं संकट में शक्ति ऐप का करें इस्तेमाल, तुरंत मिलेगी मदद
अमर उजाला - फोटो : amarujala
कंडाघाट (सोलन)। राष्ट्रीय राजमार्ग कालका-शिमला के अहम पड़ाव कंडाघाट में मंगलवार को अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इसके आगे खंड विकास कार्यालय का सभागार छोटा पड़ गया। करीब 150 महिलाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बनीं। जब सीटें भर गईं तो करीब ढाई घंटे तक कुछ महिलाओं ने जमीन पर बैठकर अधिकारियों का संबोधन सुना और बेहद सजगता के साथ सवाल-जवाब किए।
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अधिकारियों ने आह्वान किया कि महिलाएं स्वयं सहायता समूहों का गठन कर जीवनयापन के लिए स्वरोजगार अपना सकती हैं। कंडाघाट की महिलाएं वाकनाघाट या अन्य ऐसी जगह जहां शैक्षणिक संस्थान चल रहे हैं वहां साझा रसोई योजना के तहत टिफन सर्विस शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा बैंक महिला मंडलों को तीन लाख रुपये का ऋण बिना गारंटी मुहैया करवाता है। इसका इस्तेमाल भी स्वरोजगार चलाने में किया जा सकता है। महिलाओं को कानून व अधिकारों समेत स्वास्थ्य संबंधित जानकारी मुहैया करवाई गई। कार्यक्रम में एसडीएम कंडाघाट संजीव धीमान बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उन्होंने महिलाओं को अधिकारों के प्रति सजग रहने व अपने पांव पर खड़ा होने की सलाह दी। खंड विकास अधिकारी रमनवीर चौहान ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आजीविका मिशन कार्यक्रम कंडाघाट ब्लॉक में चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी डीएस गुलेरिया ने कहा कि महिलाएं किसी भी तरह की हिंसा की शिकार हो रही हैं तो वे सीधे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एलएल वर्मा ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी अस्पताल में हो यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
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एसडीएम कंडाघाट संजीव धीमान ने कहा कि मौजूदा दौर में मोबाइल सबकी जरूरत बन गया है। लेकिन यह अपराध की असली वजह भी है। मोबाइल और सोशल मीडिया पर चल रही ऐप का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर करने की जरूरत है। आपराधिक मानसिकता के लोग महिलाओं को झांसे में लेने के लिए इनका गलत इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार से चाहे लड़का हो या लड़की जब घर से बाहर जाता है या आता है तो उससे कारण जरूर पूछना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आपके किसी मामले की सुनवाई नहीं हो रही है तो अधिकारियों से संपर्क करें।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एलएल वर्मा ने बताया कि सभी अस्पतालों में डॉक्टरों को बाहर की दवाई लिखने पर मनाही है। यदि कोई डॉक्टर अस्पताल से बाहर की दवा लिखता है तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है। उसकी लिखी गई पर्ची खंड चिकित्सा अधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। उन्होंने महिलाओं को बताया कि अब तपेदिक (टीबी) का परीक्षण घरद्वार पर हो रहा है। आशा वर्कर इसके लिए काम कर रही हैं।
खंड चिकित्सा अधिकारी रमनवीर चौहान ने कहा कि महिलाओं की ग्रामसभा में भागीदारी कम रहती है। इसकी वजह से कई बार उनसे संबंधित योजनाओं पर चर्चा नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंचायतीराज में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं। जबकि 60 प्रतिशत महिलाएं विभिन्न पदों पर जीत कर आती हैं।

थाना प्रभारी कंडाघाट डीएस गुलेरिया ने बताया कि महिलाएं किसी संकट में हैं तो वे शक्ति ऐप का इस्तेमाल कर पुलिस की मदद ले सकती हैं। इस ऐप में लाल बटन दबाने पर पुलिस व सगे संबंधियों को संदेश पहुंच जाता है। इससे तत्काल महिला को मदद मिल जाती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यदि महिलाओं ने शक्ति ऐप डाउनलोड नहीं की है तो वे मोबाइल नंबर 9418000100 पर संदेश भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। इस मोबाइल नंबर पर संदेश भेजते ही पुलिस मदद के लिए पहुंच जाएगी।
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