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नालागढ़ में बागी आजाद प्रत्याशी का साथ देने पर हुए पार्टी से बाहर
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:36 PM IST
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नालागढ़ और दून विस क्षेत्रों के आधा दर्जन नेता पार्टी विरोधी कार्य करने पर छह साल के लिए निष्कासित
नालागढ़ में आजाद प्रत्याशी के लिए किया था काम
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी/नालागढ़ (सोलन)।
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ कार्य करने पर कांग्रेस हाईकमान ने नालागढ़ और दून से करीब आधा दर्जन नेताओं को निष्कासित कर दिया। अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी का साथ देने पर इन नेताओं पर कार्रवाई की गई है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस हाईकमान अब एक्शन मूड में है। पार्टी विरोधी काम करने पर निष्कासन की गाज बीबीएन के नालागढ़ और दून क्षेत्र के कार्यकर्ताओं पर गिरी है।
नालागढ़ विस क्षेत्र-51 से 4 और दून विस क्षेत्र-52 से एक कार्यकर्ता को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी हाईकमान की हरी झंडी के बाद ही निष्कासन की कार्रवाई की गई है। इसमें नालागढ़ और दून हल्कों के पांच कार्यकर्ता शामिल है। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुए बहुकोणीय मुकाबले में पूर्व चेयरमैन बावा हरदीप सिंह ने बागी होकर आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। बावा हरदीप के करीबियों में शुमार निष्कासित किए गए कार्यकर्ता ही शामिल हैं। इसमें जिप सदस्य उजागर सिंह, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष एवं मौजूदा पार्षद महेश गौतम, पूर्व यूथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस शर्मा और सतनाम सिंह राणा शामिल रहे हैं। बगावत के बावजूद कांग्रेस ने हालांकि नालागढ़ से जीत हासिल की थी। विधायक लखविंद्र राणा यहां से जीते थे। लेकिन कांग्रेस बगावत और पार्टी के खिलाफ कार्य करने वालों को कतई बख्शने के मूड में नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह की सख्ती जरूरी है। इससे पार्टी में अनुशासन रहेगा। वहीं दून विस क्षेत्र से गुरमेल सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया है। बताया जाता है कि वर्तमान में गुरमेल सिंह बीबीएन इंटक अध्यक्ष पद पर तैनात हैं लेकिन पार्टी हाईकमान द्वारा जारी की गई निष्कासन सूची में उनका नाम भी शामिल है।
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नालागढ़ में आजाद प्रत्याशी के लिए किया था काम
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी/नालागढ़ (सोलन)।
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ कार्य करने पर कांग्रेस हाईकमान ने नालागढ़ और दून से करीब आधा दर्जन नेताओं को निष्कासित कर दिया। अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी का साथ देने पर इन नेताओं पर कार्रवाई की गई है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश में करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस हाईकमान अब एक्शन मूड में है। पार्टी विरोधी काम करने पर निष्कासन की गाज बीबीएन के नालागढ़ और दून क्षेत्र के कार्यकर्ताओं पर गिरी है।
नालागढ़ विस क्षेत्र-51 से 4 और दून विस क्षेत्र-52 से एक कार्यकर्ता को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी हाईकमान की हरी झंडी के बाद ही निष्कासन की कार्रवाई की गई है। इसमें नालागढ़ और दून हल्कों के पांच कार्यकर्ता शामिल है। नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुए बहुकोणीय मुकाबले में पूर्व चेयरमैन बावा हरदीप सिंह ने बागी होकर आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। बावा हरदीप के करीबियों में शुमार निष्कासित किए गए कार्यकर्ता ही शामिल हैं। इसमें जिप सदस्य उजागर सिंह, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष एवं मौजूदा पार्षद महेश गौतम, पूर्व यूथ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस शर्मा और सतनाम सिंह राणा शामिल रहे हैं। बगावत के बावजूद कांग्रेस ने हालांकि नालागढ़ से जीत हासिल की थी। विधायक लखविंद्र राणा यहां से जीते थे। लेकिन कांग्रेस बगावत और पार्टी के खिलाफ कार्य करने वालों को कतई बख्शने के मूड में नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस तरह की सख्ती जरूरी है। इससे पार्टी में अनुशासन रहेगा। वहीं दून विस क्षेत्र से गुरमेल सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया है। बताया जाता है कि वर्तमान में गुरमेल सिंह बीबीएन इंटक अध्यक्ष पद पर तैनात हैं लेकिन पार्टी हाईकमान द्वारा जारी की गई निष्कासन सूची में उनका नाम भी शामिल है।
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