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कोरोना से बेखौफ लोग, बिना मास्क के बाजार में खरीदारी
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नाहन बाजार में धनतेरस के दिन अधूरे मास्क व बिना मास्क खरीदारी करने पहुंचे लोग।
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। सिरमौर में कोरोना का भले ही एक सक्रिय मामला है। इससे पहले जिला 12 दिन कोरोना मुक्त भी रहा। जिले में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक नहीं दें, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसके बावजूद भी आमजन बिना मास्क बाजार में घूम रहे हैं।
बाजार में शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है। कोविड महामारी से आमजन को सतर्क करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने बाजार में दो महिला पुलिस कर्मियों की गश्त भी लगा रखी है, जो लगातार लोगों को मास्क पहनने पर जागरूक कर रही हैं। बावजूद इसके अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं।
धनतेरस पर मंगलवार को शहर के बाजारों में खूब भीड़ उमड़ी। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी लोग बड़ी मात्रा में खरीदारी करने के लिए आए। शहर के छोटा चौक, बड़ा चौक, गुन्नुघाट बाजार में भीड़ इतनी थी कि लोगों को पांव रखने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। इस भीड़ के कारण सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। बहुत से लोग भी बिना मास्क के लिए घूमते नजर आए।
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व्यापारियों का नहीं सहयोग
कोविड महामारी से बचने के लिए बाजार में दुकानदारों से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले यहां मास्क के बिना सामान नहीं मिलेगा जैसे पोस्टर चस्पाए गए थे लेकिन अब बिना मास्क के ही लोगों को सामान दिया जा रहा है। कई दुकानदार खुद भी मास्क नहीं लगा रहे हैं।
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प्रशासन के प्रयासों पर फिर रहा पानी
नाहन में 98 प्रतिशत शहरवासी लगातार मास्क का उपयोग कर रहे थे। पुलिस प्रशासन भी मास्क न पहनने वालों के चालान काट रहा था लेकिन जबसे नेताओं ने अपने कार्यक्रमों में बिना मास्क और सामाजिक दूरी के भीड़ इकट्ठी की तो लोग भी लापरवाह हो गए। हाल ही में शिलाई दौरे पर आए मुख्यमंत्री की रैली में भी सभी लोग बिना मास्क के ही नजर आए थे। स्थानीय विधायकों के कार्यक्रमों में भी लोग बिना मास्क के आ रहे हैं। इनको देखकर लोगों ने भी अब मास्क पहनने ही छोड़ दिए। इससे जिला प्रशासन के प्रयासों पर भी पानी फिर गया है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस नेताओं के कार्यक्रमों में बिना मास्क पहनने वालों के चालान नहीं कर सकती तो उनको भी आमजन के चालान काटने का कोई औचित्य नहीं है।
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बाजार में शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है। कोविड महामारी से आमजन को सतर्क करने के लिए पुलिस अधीक्षक ने बाजार में दो महिला पुलिस कर्मियों की गश्त भी लगा रखी है, जो लगातार लोगों को मास्क पहनने पर जागरूक कर रही हैं। बावजूद इसके अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं।
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धनतेरस पर मंगलवार को शहर के बाजारों में खूब भीड़ उमड़ी। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी लोग बड़ी मात्रा में खरीदारी करने के लिए आए। शहर के छोटा चौक, बड़ा चौक, गुन्नुघाट बाजार में भीड़ इतनी थी कि लोगों को पांव रखने के लिए भी जगह नहीं मिल रही थी। इस भीड़ के कारण सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। बहुत से लोग भी बिना मास्क के लिए घूमते नजर आए।
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व्यापारियों का नहीं सहयोग
कोविड महामारी से बचने के लिए बाजार में दुकानदारों से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। कुछ समय पहले यहां मास्क के बिना सामान नहीं मिलेगा जैसे पोस्टर चस्पाए गए थे लेकिन अब बिना मास्क के ही लोगों को सामान दिया जा रहा है। कई दुकानदार खुद भी मास्क नहीं लगा रहे हैं।
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प्रशासन के प्रयासों पर फिर रहा पानी
नाहन में 98 प्रतिशत शहरवासी लगातार मास्क का उपयोग कर रहे थे। पुलिस प्रशासन भी मास्क न पहनने वालों के चालान काट रहा था लेकिन जबसे नेताओं ने अपने कार्यक्रमों में बिना मास्क और सामाजिक दूरी के भीड़ इकट्ठी की तो लोग भी लापरवाह हो गए। हाल ही में शिलाई दौरे पर आए मुख्यमंत्री की रैली में भी सभी लोग बिना मास्क के ही नजर आए थे। स्थानीय विधायकों के कार्यक्रमों में भी लोग बिना मास्क के आ रहे हैं। इनको देखकर लोगों ने भी अब मास्क पहनने ही छोड़ दिए। इससे जिला प्रशासन के प्रयासों पर भी पानी फिर गया है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस नेताओं के कार्यक्रमों में बिना मास्क पहनने वालों के चालान नहीं कर सकती तो उनको भी आमजन के चालान काटने का कोई औचित्य नहीं है।