{"_id":"66e03cda5012d8cf8f04aed4","slug":"vikas-prabhadan-programme-in-iim-nahan-news-c-177-1-ssml1030-132139-2024-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: पेशेवरों और प्रबंधन अधिकारियों का खुद को विकसित करना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: पेशेवरों और प्रबंधन अधिकारियों का खुद को विकसित करना जरूरी
विज्ञापन
पेशेवरों और प्रबंधन अधिकारियों का खुद को विकसित करना जरूरी
आईआईएम सिरमौर में तीन दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। आईआईएम सिरमौर का उत्तराखंड के ऋषिकेश में तीन दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का समापन हुआ। ये कार्यक्रम उत्तराखंड के ऋषिकेश टीएचडीसीआईएल के तक्षशिला सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र में आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य अपने कर्मचारियों को परिवर्तन का प्रबंधन करने, संगठनात्मक प्रतिरोध से निपटने और अंतत: अपने अधीनस्थों के लिए एक इफेक्टिव लीडर बनने के लिए विभिन्न तंत्रों से सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम निदेशकों और संगठनात्मक व्यवहार और मानव संसाधन प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले संकाय सदस्यों डॉ. रिंकी दहिया और डॉ. सोनाक्षी गुप्ता की ओर से किया गया था। मार्केटिंग मैनेजमेंट और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सिस्टम विभागों में विशेषज्ञता रखने वाले डॉ. प्रफुल्ल वाई अग्निहोत्री, आईआईएम सिरमौर की वर्तमान निदेशक और डॉ. शशि कांत श्रीवास्तव ने भी लीडरशिप, डिसिजन मेकिंग इन ग्रुप और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर सत्र आयोजित किए। उनके व्यापक ज्ञान और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि ने प्रतिभागियों को समृद्ध शिक्षण अनुभव प्रदान किया।
इससे पहले, डॉ. रिंकी दहिया ने कार्यक्रम में उभरते व्यावसायिक रुझानों और सीखने के उद्देश्यों पर जोर दिया।
सीएमडीपी अध्यक्ष डॉ. शशिकांत श्रीवास्तव और डॉ. सोनाक्षी गुप्ता ने कहा कि हम प्रतिरोध की पहचान करें और उससे निपटना सीखें। एक अच्छा लीडर प्रतिरोध को दबाता नहीं है, बल्कि इसका उपयोग प्रस्तावित परिवर्तन के बारे में खुलकर बातचीत करने के लिए करता है।
विज्ञापन
संवाद
....
विज्ञापन
आईआईएम सिरमौर में तीन दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। आईआईएम सिरमौर का उत्तराखंड के ऋषिकेश में तीन दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम का समापन हुआ। ये कार्यक्रम उत्तराखंड के ऋषिकेश टीएचडीसीआईएल के तक्षशिला सतत आजीविका एवं सामुदायिक विकास केंद्र में आयोजित किया गया जिसका उद्देश्य अपने कर्मचारियों को परिवर्तन का प्रबंधन करने, संगठनात्मक प्रतिरोध से निपटने और अंतत: अपने अधीनस्थों के लिए एक इफेक्टिव लीडर बनने के लिए विभिन्न तंत्रों से सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम निदेशकों और संगठनात्मक व्यवहार और मानव संसाधन प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले संकाय सदस्यों डॉ. रिंकी दहिया और डॉ. सोनाक्षी गुप्ता की ओर से किया गया था। मार्केटिंग मैनेजमेंट और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एंड सिस्टम विभागों में विशेषज्ञता रखने वाले डॉ. प्रफुल्ल वाई अग्निहोत्री, आईआईएम सिरमौर की वर्तमान निदेशक और डॉ. शशि कांत श्रीवास्तव ने भी लीडरशिप, डिसिजन मेकिंग इन ग्रुप और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर सत्र आयोजित किए। उनके व्यापक ज्ञान और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि ने प्रतिभागियों को समृद्ध शिक्षण अनुभव प्रदान किया।
विज्ञापन
इससे पहले, डॉ. रिंकी दहिया ने कार्यक्रम में उभरते व्यावसायिक रुझानों और सीखने के उद्देश्यों पर जोर दिया।
सीएमडीपी अध्यक्ष डॉ. शशिकांत श्रीवास्तव और डॉ. सोनाक्षी गुप्ता ने कहा कि हम प्रतिरोध की पहचान करें और उससे निपटना सीखें। एक अच्छा लीडर प्रतिरोध को दबाता नहीं है, बल्कि इसका उपयोग प्रस्तावित परिवर्तन के बारे में खुलकर बातचीत करने के लिए करता है।
विज्ञापन
संवाद
....