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Sirmour News: गर्मियों में सूख जाते थे जलस्रोत, अब 21 हजार लोगों को मिलेगा नियमित पेयजल
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पच्छाद क्षेत्र में गिरि उठाऊ पेयजल योजना के तहत बनाए गए टैंक व आधुनिक पंपिंग मशीनरी। संवाद
विकास की बात--
सचित्र--
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की नौ पंचायतों के करीब 21 हजार लोगों को अब गर्मियों में पेयजल संकट से राहत मिलेगी। करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई गिरि उठाऊ पेयजल योजना से क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिली है। योजना के तहत नौ पंचायतों में बनाए गए नए टैंकों को पुरानी पेयजल योजनाओं से भी जोड़ा गया है, ताकि गर्मियों में किसी योजना के जलस्रोत में कमी आने पर वहां इस योजना से पानी पहुंचाया जा सके।
पच्छाद की साधना घाट, नैना टिक्कर, डिलमन, नारग, शाडिय़ां, महलोग लाल टिक्कर, चमेंजी और वासनी पंचायतों के ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। गर्मियां शुरू होते ही इन क्षेत्रों में उठाऊ और गिरावटी पेयजल योजनाओं के जलस्रोत सूखने लगते थे। इसके चलते लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता था और कई गांवों में पेयजल संकट गहरा जाता था। अब नई योजना के शुरू होने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
-- -बाक्स
नए टैंक और पाइपलाइन से जुड़ी पुरानी योजनाएं
गिरि उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण नेशनल डेवलपमेंट बैंक के तहत यूनिप्रो टेक्नो इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। योजना पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत नई पाइपलाइन बिछाने के साथ टैंकों का निर्माण, पंप हाउस, स्टोरेज टैंक, फिल्टर बेड और आधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है।
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योजना की खास बात यह है कि नौ पंचायतों में बनाए गए नए टैंकों को पुरानी पेयजल योजनाओं से जोड़ा गया है। इससे किसी क्षेत्र में गर्मियों के दौरान पानी की कमी होने पर नई योजना के माध्यम से संबंधित टैंक तक पानी पहुंचाया जा सकेगा। विभाग ने सभी टैंकों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। इससे पुरानी योजनाओं को भी सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की कमी उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाती थी। नैना टिक्कर पंचायत के पूर्व प्रधान शिव कुमार गुप्ता, डिलमन पंचायत के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश शर्मा, नारग निवासी पवन सूद, नारग पंचायत के पूर्व प्रधान विद्या दत्त शर्मा, नरेश कुमार, सुशील शर्मा और नैना टिक्कर पंचायत समिति की पूर्व सदस्य कविता शर्मा ने कहा कि योजना शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल समस्या से राहत मिलेगी।
जल शक्ति विभाग के शिमला जोन के मुख्य अभियंता मुकेश हीरा ने बताया कि करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई है। इससे पच्छाद की नौ पंचायतों के करीब 21 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है। विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन, अधिशासी अभियंता सतपाल सिंह, सहायक अभियंता प्रांशुल शर्मा, मनमोहन सिंह और यशपाल शर्मा की ओर से भी समय-समय पर योजना के कार्य की जानकारी ली जाती रही।
25 सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर इस पेयजल योजना का उद्घाटन किया। इसके बाद योजना को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।
-- -- -संवाद-- -- -
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सचित्र
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की नौ पंचायतों के करीब 21 हजार लोगों को अब गर्मियों में पेयजल संकट से राहत मिलेगी। करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई गिरि उठाऊ पेयजल योजना से क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिली है। योजना के तहत नौ पंचायतों में बनाए गए नए टैंकों को पुरानी पेयजल योजनाओं से भी जोड़ा गया है, ताकि गर्मियों में किसी योजना के जलस्रोत में कमी आने पर वहां इस योजना से पानी पहुंचाया जा सके।
पच्छाद की साधना घाट, नैना टिक्कर, डिलमन, नारग, शाडिय़ां, महलोग लाल टिक्कर, चमेंजी और वासनी पंचायतों के ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। गर्मियां शुरू होते ही इन क्षेत्रों में उठाऊ और गिरावटी पेयजल योजनाओं के जलस्रोत सूखने लगते थे। इसके चलते लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता था और कई गांवों में पेयजल संकट गहरा जाता था। अब नई योजना के शुरू होने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
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नए टैंक और पाइपलाइन से जुड़ी पुरानी योजनाएं
गिरि उठाऊ पेयजल योजना का निर्माण नेशनल डेवलपमेंट बैंक के तहत यूनिप्रो टेक्नो इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने किया है। योजना पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत नई पाइपलाइन बिछाने के साथ टैंकों का निर्माण, पंप हाउस, स्टोरेज टैंक, फिल्टर बेड और आधुनिक मशीनरी स्थापित की गई है।
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योजना की खास बात यह है कि नौ पंचायतों में बनाए गए नए टैंकों को पुरानी पेयजल योजनाओं से जोड़ा गया है। इससे किसी क्षेत्र में गर्मियों के दौरान पानी की कमी होने पर नई योजना के माध्यम से संबंधित टैंक तक पानी पहुंचाया जा सकेगा। विभाग ने सभी टैंकों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। इससे पुरानी योजनाओं को भी सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की कमी उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाती थी। नैना टिक्कर पंचायत के पूर्व प्रधान शिव कुमार गुप्ता, डिलमन पंचायत के पूर्व प्रधान ओम प्रकाश शर्मा, नारग निवासी पवन सूद, नारग पंचायत के पूर्व प्रधान विद्या दत्त शर्मा, नरेश कुमार, सुशील शर्मा और नैना टिक्कर पंचायत समिति की पूर्व सदस्य कविता शर्मा ने कहा कि योजना शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल समस्या से राहत मिलेगी।
जल शक्ति विभाग के शिमला जोन के मुख्य अभियंता मुकेश हीरा ने बताया कि करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई है। इससे पच्छाद की नौ पंचायतों के करीब 21 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। योजना के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया है। विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन, अधिशासी अभियंता सतपाल सिंह, सहायक अभियंता प्रांशुल शर्मा, मनमोहन सिंह और यशपाल शर्मा की ओर से भी समय-समय पर योजना के कार्य की जानकारी ली जाती रही।
25 सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले के समापन अवसर पर इस पेयजल योजना का उद्घाटन किया। इसके बाद योजना को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।