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Sirmour News: सतौन के मानल में 25 महिलाओं ने सीखे कृषि उद्यमी बनने के गुर
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सतौन के मानल में प्रशिक्षण शिविर के समापन मौके पर मौजूद प्रतिभागी महिलाएं। स्रोत: संगठन
सचित्र--
महिला बीट
उत्पादन के साथ बाजार की समझ भी विकसित की गई: तानिया भाटिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/सतौन/कफोटा(सिरमौर)। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यूको आरसेटी नाहन की ओर से सतौन क्षेत्र के अंतर्गत मानल गांव में महिलाओं के लिए आयोजित 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन कृषि विकास अधिकारी सतिंद्र सिंह और ईडीपी असेसर राकेश वर्मा ने सभी 25 प्रतिभागी महिलाओं के कार्यों का आकलन किया। उन्होंने शिविर में सिखाई गई बातों को लेकर उनसे सवाल जवाब भी किए।
आरसेटी की संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागी महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में नए स्टार्टअप और उद्यम स्थापित करने के व्यावहारिक टिप्स दिए गए। डोमेन सदस्य अनिल ठाकुर ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में महिलाओं को कृषि उद्यमी बनने से जुड़ी बारीकियों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की।
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तानिया भाटिया ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को ऑर्गेनिक फार्मिंग (जैविक खेती), डेयरी फार्मिंग, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके और फसलों में कीटनाशकों के सही व सुरक्षित इस्तेमाल की तकनीक सिखाई गई।
इसके अलावा, कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने के लिए फूल उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे विषयों पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सबसे बड़ी खासियत यह रही कि महिलाओं को केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि बाजार (मार्केटिंग) की समझ भी विकसित की गई।-- -- -- -- -- --
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महिला बीट
उत्पादन के साथ बाजार की समझ भी विकसित की गई: तानिया भाटिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/सतौन/कफोटा(सिरमौर)। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यूको आरसेटी नाहन की ओर से सतौन क्षेत्र के अंतर्गत मानल गांव में महिलाओं के लिए आयोजित 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन कृषि विकास अधिकारी सतिंद्र सिंह और ईडीपी असेसर राकेश वर्मा ने सभी 25 प्रतिभागी महिलाओं के कार्यों का आकलन किया। उन्होंने शिविर में सिखाई गई बातों को लेकर उनसे सवाल जवाब भी किए।
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आरसेटी की संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागी महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में नए स्टार्टअप और उद्यम स्थापित करने के व्यावहारिक टिप्स दिए गए। डोमेन सदस्य अनिल ठाकुर ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में महिलाओं को कृषि उद्यमी बनने से जुड़ी बारीकियों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की।
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तानिया भाटिया ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को ऑर्गेनिक फार्मिंग (जैविक खेती), डेयरी फार्मिंग, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके और फसलों में कीटनाशकों के सही व सुरक्षित इस्तेमाल की तकनीक सिखाई गई।
इसके अलावा, कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाने के लिए फूल उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे विषयों पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। सबसे बड़ी खासियत यह रही कि महिलाओं को केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि बाजार (मार्केटिंग) की समझ भी विकसित की गई।