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पांवटा के यमुनाघाट पर दो गोताखोर और दो गृह रक्षक रहेंगे तैनात
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23 मई के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब(सिरमौर)। पांवटा साहिब के यमुनाघाट पर स्नान करने के लिए स्थल चिह्नित होगा। संवेदनशील हो चुके यमुना नदीघाट के कुछ किनारों को स्नान के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। यमुनाघाट पर दो स्थानीय गोताखोर और दो गृह रक्षकों को तैनात कर दिया गया है। ये कहना है कि एसडीएम पांवटा विवेक महाजन का।
मंगलवार को यमुनाघाट पर संयुक्त टीम के साथ निरीक्षण करने के बाद एसडीएम ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से हादसों को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें उस खतरनाक हो चुके स्थल को स्नान के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है जहां मार्च से 22 मई तक दो लोग जान गंवा चुके हैं।
यमुनाघाट में श्रद्धालुओं के लिए स्नान स्थल तय किया जा रहा है। इस स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं ताकि स्नान के दौरान गहरे स्थल की तरफ जाने से श्रद्धालुओं को रोका जा सकें। निरीक्षण टीम में डीएसपी पांवटा बीर बहादुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर जगीर ंसिंह, बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देयोल व पवन चौधरी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में देश-विदेशों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं जो धार्मिक स्थलों पर शीश नवाने के साथ पवित्र यमुना स्नान को पहुंचते हैं। पिछले कई वर्षों से यमुनाघाट हादसों के लिए संवेदनशील हो चुका है। ‘अमर उजाला’ ने 23 मई के अंक में इस संवेदनशील मुद्दे को...‘लकीर पीटने से आगे नहीं बढ़ पाते सुरक्षा इंतजाम...’ खबर को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी व स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को एसडीएम पांवटा साहिब समेत संयुक्त टीम ने सुरक्षा इंतजाम करने को यमुनाघाट का निरीक्षण किया।
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मंगलवार को यमुनाघाट पर संयुक्त टीम के साथ निरीक्षण करने के बाद एसडीएम ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से हादसों को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें उस खतरनाक हो चुके स्थल को स्नान के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है जहां मार्च से 22 मई तक दो लोग जान गंवा चुके हैं।
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यमुनाघाट में श्रद्धालुओं के लिए स्नान स्थल तय किया जा रहा है। इस स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं ताकि स्नान के दौरान गहरे स्थल की तरफ जाने से श्रद्धालुओं को रोका जा सकें। निरीक्षण टीम में डीएसपी पांवटा बीर बहादुर, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान हरभजन सिंह, मैनेजर जगीर ंसिंह, बीएमओ राजपुर डॉ. अजय देयोल व पवन चौधरी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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गौरतलब है कि गुरु की नगरी पांवटा साहिब में देश-विदेशों से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं जो धार्मिक स्थलों पर शीश नवाने के साथ पवित्र यमुना स्नान को पहुंचते हैं। पिछले कई वर्षों से यमुनाघाट हादसों के लिए संवेदनशील हो चुका है। ‘अमर उजाला’ ने 23 मई के अंक में इस संवेदनशील मुद्दे को...‘लकीर पीटने से आगे नहीं बढ़ पाते सुरक्षा इंतजाम...’ खबर को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी व स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को एसडीएम पांवटा साहिब समेत संयुक्त टीम ने सुरक्षा इंतजाम करने को यमुनाघाट का निरीक्षण किया।

पांवटा के यमुना घाट स्थल का निरीक्षण करते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी। संवाद- फोटो : NAHAN