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Sirmour News: ओवर लोडिंग पर शिकंजा कसने से ट्रकों के पहिए थमे
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ददाहू में खनन नाके पर खडे ट्रासपोर्टोरो के ट्रक। संवाद
रेणुका में ट्रांसपोर्टरों और खान मालिकों ने खड़े किए ट्रक
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में ट्रकों की ओवरलोडिंग पर नकेल कसे जाने का खनन कारोबार पर गहरा असर दिखाई दिया है। परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से लगातार की जा रही नाकेबंदी और धरपकड़ से रेणुका क्षेत्र में दर्जनों वाहनों के पहिए थम गए हैं। यही नहीं खनन कारोबारियों ने भी कुछ समय के लिए अपना कारोबार बंद कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार ओवरलोडिंग के मोटे चालान से बचने के लिए ट्रांसपोर्टरों ने ट्रक खड़े कर दिए हैं। पिछले कई दिनों से ददाहू क्षेत्र में पांच दर्जन के करीब ट्रक बिना काम के खड़े हुए हैं। इससे जहां ट्रांसपोर्टरों और खनन व्यवसायियों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। हालांकि इससे राजस्व को नुकसान होना भी बताया जा रहा है।
बता दें कि जिला पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी जिले की सीमाओं व अन्य स्थानों पर जगह-जगह नाके लगाकर ओवरलोडिंग के मोटे चालान कर रहे हैं। खनन कारोबारियों ने ओवरलोडिंग से बचने के लिए अपने वाहनों को बाहर भेजना ही बंद कर दिया है।
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खनन कारोबारी एसएस नेगी ने बताया कि वे ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन से सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन इसे समूचे जिले में एक समान रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग न करने से उनके माल का भाड़ा बढ़ जाएगा। इससे महंगे दामों पर उनका माल आगे नहीं बिकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार व विभाग मिलकर इसके लिए बीच का कोई सरल रास्ता अख्तियार करें ताकि ट्रांसपोर्टर व खनन व्यवसायी दोनों को आर्थिक हानि न हो।
काम बंद होने का मामला संज्ञान में नहीं
रेणुका क्षेत्र में खनन व्यवसाय बंद होने का मामला संज्ञान में नहीं है। काम बंद होने का कारण ट्रांसपोर्टर और खनन व्यवसायों के बीच मतभेद भी हो सकता है। फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं है। राजस्व घटने का भी इससे कोई लेना-देना नहीं है। राजस्व का आकलन वर्ष में केवल एक बार मार्च माह में ही किया जाता है। विभाग की ओर से बीते वित्तीय वर्ष में 55 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया है।
- कुलभूषण शर्मा, जिला खनन अधिकारी सिरमौर
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संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। जिले में ट्रकों की ओवरलोडिंग पर नकेल कसे जाने का खनन कारोबार पर गहरा असर दिखाई दिया है। परिवहन विभाग और पुलिस की ओर से लगातार की जा रही नाकेबंदी और धरपकड़ से रेणुका क्षेत्र में दर्जनों वाहनों के पहिए थम गए हैं। यही नहीं खनन कारोबारियों ने भी कुछ समय के लिए अपना कारोबार बंद कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार ओवरलोडिंग के मोटे चालान से बचने के लिए ट्रांसपोर्टरों ने ट्रक खड़े कर दिए हैं। पिछले कई दिनों से ददाहू क्षेत्र में पांच दर्जन के करीब ट्रक बिना काम के खड़े हुए हैं। इससे जहां ट्रांसपोर्टरों और खनन व्यवसायियों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है। हालांकि इससे राजस्व को नुकसान होना भी बताया जा रहा है।
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बता दें कि जिला पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी जिले की सीमाओं व अन्य स्थानों पर जगह-जगह नाके लगाकर ओवरलोडिंग के मोटे चालान कर रहे हैं। खनन कारोबारियों ने ओवरलोडिंग से बचने के लिए अपने वाहनों को बाहर भेजना ही बंद कर दिया है।
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खनन कारोबारी एसएस नेगी ने बताया कि वे ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन से सहयोग करने को तैयार हैं लेकिन इसे समूचे जिले में एक समान रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग न करने से उनके माल का भाड़ा बढ़ जाएगा। इससे महंगे दामों पर उनका माल आगे नहीं बिकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार व विभाग मिलकर इसके लिए बीच का कोई सरल रास्ता अख्तियार करें ताकि ट्रांसपोर्टर व खनन व्यवसायी दोनों को आर्थिक हानि न हो।
काम बंद होने का मामला संज्ञान में नहीं
रेणुका क्षेत्र में खनन व्यवसाय बंद होने का मामला संज्ञान में नहीं है। काम बंद होने का कारण ट्रांसपोर्टर और खनन व्यवसायों के बीच मतभेद भी हो सकता है। फिलहाल ऐसी कोई सूचना नहीं है। राजस्व घटने का भी इससे कोई लेना-देना नहीं है। राजस्व का आकलन वर्ष में केवल एक बार मार्च माह में ही किया जाता है। विभाग की ओर से बीते वित्तीय वर्ष में 55 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया है।
- कुलभूषण शर्मा, जिला खनन अधिकारी सिरमौर

ददाहू में खनन नाके पर खडे ट्रासपोर्टोरो के ट्रक। संवाद