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Sirmour News: एनआईईपीए राष्ट्रीय नवाचार सम्मान से सम्मानित हुए सिरमौर के बीईईओ रामपाल
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प्लास्टिक वेस्ट से गणितीय साइन बोर्ड बनाने के नवाचार ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली में विशेष सम्मान कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश से सम्मानित होने वाले एकमात्र शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शिक्षा में नवाचार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयास के लिए शिक्षा खंड माजरा के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) रामपाल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान मिला है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए), नई दिल्ली की ओर से आयोजित विशेष सम्मान समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए 10 नाम भेजे गए थे। इनमें रामपाल का एकमात्र बीईईओ के रूप में चयन हुआ। उनका चयन प्लास्टिक वेस्ट का रचनात्मक पुनः उपयोग कर गणितीय साइन बोर्ड और विभिन्न गणितीय चिह्न तैयार करने के नवाचार के लिए किया गया।
इस सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया अगस्त 2025 में शुरू हुई थी। इसके तहत ऑनलाइन 40 प्रश्नों के उत्तर और बायोडाटा भेजा गया। इसके बाद 12 पृष्ठों की प्रस्तुति तैयार कर नवाचार की विस्तृत जानकारी साझा की गई। आगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चित्रों सहित इस नवाचार को प्रस्तुत किया गया।
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रामपाल ने प्लास्टिक कचरे का पुनः उपयोग कर गणित विषय से संबंधित साइन बोर्ड और विभिन्न गणितीय चिह्न तैयार किए। इससे विद्यार्थियों के लिए गणितीय अवधारणाओं को समझना आसान हुआ। साथ ही, बेकार प्लास्टिक के रचनात्मक इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
अवार्ड समारोह में हिमाचल प्रदेश से चयनित एकमात्र शिक्षक के तौर पर रामपाल नई दिल्ली पहुंचे। वीरवार को उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद रामपाल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि शिक्षा में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों की पहचान है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
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नई दिल्ली में विशेष सम्मान कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश से सम्मानित होने वाले एकमात्र शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शिक्षा में नवाचार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयास के लिए शिक्षा खंड माजरा के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) रामपाल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सम्मान मिला है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए), नई दिल्ली की ओर से आयोजित विशेष सम्मान समारोह में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए 10 नाम भेजे गए थे। इनमें रामपाल का एकमात्र बीईईओ के रूप में चयन हुआ। उनका चयन प्लास्टिक वेस्ट का रचनात्मक पुनः उपयोग कर गणितीय साइन बोर्ड और विभिन्न गणितीय चिह्न तैयार करने के नवाचार के लिए किया गया।
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इस सम्मान के लिए चयन प्रक्रिया अगस्त 2025 में शुरू हुई थी। इसके तहत ऑनलाइन 40 प्रश्नों के उत्तर और बायोडाटा भेजा गया। इसके बाद 12 पृष्ठों की प्रस्तुति तैयार कर नवाचार की विस्तृत जानकारी साझा की गई। आगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चित्रों सहित इस नवाचार को प्रस्तुत किया गया।
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रामपाल ने प्लास्टिक कचरे का पुनः उपयोग कर गणित विषय से संबंधित साइन बोर्ड और विभिन्न गणितीय चिह्न तैयार किए। इससे विद्यार्थियों के लिए गणितीय अवधारणाओं को समझना आसान हुआ। साथ ही, बेकार प्लास्टिक के रचनात्मक इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
अवार्ड समारोह में हिमाचल प्रदेश से चयनित एकमात्र शिक्षक के तौर पर रामपाल नई दिल्ली पहुंचे। वीरवार को उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने के बाद रामपाल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि शिक्षा में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों की पहचान है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उन्हें भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।