फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   matar bhedo road condition not good

Sirmour News: समस्या का समाधान नहीं हुआ तो, चुनावों का करेंगे बहिष्कार

Wed, 09 Sep 2026 12:39 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
matar bhedo road condition not good
नाहन में सड़क की समस्या को लेकर डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे मातर भेड़ों गांव के ग्रामीण। संवाद
सचित्र--
विज्ञापन





संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। मात्तर-भेडो सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ चुकी है। सड़क निर्माण के 17 साल बाद भी पहाड़ी कटिंग और पत्थर गिरने की समस्या का स्थायी समाधान न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन को अब आर-पार की चेतावनी दे दी है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा और गांव व पंचायत से मतपेटियां खाली जाएंगी।

वर्ष 2009-10 में निर्मित इस सड़क पर आज भी ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क के शुरुआती हिस्से में की गई अधूरी और गलत कटिंग के कारण दोनों ओर ऊंची, पथरीली और बेहद खतरनाक पहाड़ी दीवारें खड़ी हो गई हैं। करीब 100 मीटर लंबे इस हिस्से में पैदल चलना तक जोखिम भरा बना हुआ है। ऊपर से लगातार गिरते पत्थर और मलबा किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
विज्ञापन


मंगलवार को इस गंभीर समस्या को लेकर विजय शर्मा, सचिन चौधरी, गूफर अहमद, मुन्नाराम, ताराचंद और भूप सिंह समेत करीब दो दर्जन ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल नाहन में उपायुक्त से मिला। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क के इस संवेदनशील हिस्से का तत्काल निरीक्षण करवाने और स्थायी समाधान की मांग उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों ओर कटिंग होने के कारण इस स्थान पर बीच में महज 8 से 10 फीट चौड़ा रास्ता ही बचा है। ऐसे में सामने से वाहन आने पर स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। सबसे बड़ा खतरा ऊपरी पहाड़ी से अचानक गिरने वाले भारी पत्थरों और मलबे का है।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कई राहगीर और वाहन चालक पत्थरों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बरसात के दौरान खतरा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन सूखे मौसम में भी पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने का सिलसिला थमता नहीं है। इससे ग्रामीणों और वाहन चालकों के बीच हर समय किसी बड़ी अनहोनी का डर बना रहता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से इस समस्या को प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के समक्ष उठाते आ रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा उनके हाथ कुछ नहीं आया। 17 वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बावजूद यदि सड़क का सबसे खतरनाक हिस्सा सुरक्षित नहीं बनाया जा सका है तो यह संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मौके का निरीक्षण करवाया जाए और पत्थर गिरने की समस्या का स्थायी एवं सुरक्षित समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही चुनाव बहिष्कार का ऐलान करते हुए उन्होंने दोटूक कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में उनके गांव और पंचायत से मतपेटियां खाली जाएंगी।


ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन समस्या के समाधान के लिए जितना समय देगा, वे उतना इंतजार करेंगे, लेकिन इसके बाद भी यदि सड़क को सुरक्षित नहीं बनाया गया तो चुनाव में वोट नहीं, विरोध दर्ज कराया जाएगा।-----------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed