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Sirmour News: सुदर्शन और महासू कॉलोनी के परिवार आवश्यक सुविधाओं से वंचित

Thu, 22 Oct 2026 12:58 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:58 AM IST
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sudarshan and mahasu colony no facility
(कॉलोनियों का हाल भाग-3)- सुदर्शन कॉलोनी की खस्ताहाल सड़कों व मूलभूत सुविधाओ को लेकर चर्चा कर
कॉलोनी का हाल-3
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-कॉलेानी में गलियां-सड़कें, कच्चे रास्ते, स्ट्रीट लाइट नहीं और शाम ढलते ही नशेड़ियों का भय

सांसद, विधायक और स्थानीय पंचायत से विकास कार्यों को कोई बजट प्रावधान नहीं हुआ


सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शहरी क्षेत्र से मात्र दो किलोमीटर दूर सुदर्शन कॉलोनी और महासु कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित हैं। दोनों कॉलोनी में 150 से अधिक परिवार रहते हैं। इन कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अपनों में बेगाना वाली स्थिति बन चुकी है। इस कॉलोनी के विकास को सांसद, विधायक निधि तो दूर पंचायत से भी किसी योजना को बजट का प्रावधान नहीं किया जा रहा है। इन परिवारों को मिलकर सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था और पार्क की देखरेख भी खुद करनी पड़ रही है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि शाम को अंधेरा होने के बाद कुंजा मार्ग पर आवागमन तक नहीं कर पाती हैं। औद्योगिक क्षेत्र रामपुरघाट साथ लगता है। दोनों कॉलोनी के लोगों को खस्ताहाल नहर मार्ग से होकर जाना पड़ता है। शाम होने पर घुप्प अंधेरा इस मार्ग पर होता है, नशेड़ियों के समूह पैरापिटों पर बैठे होते हैं। इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटों के साथ शाम के समय पीसीआर वैन जरूर चलनी चाहिए। इससे नौकरी पेशा महिलाओं, ट्यूशन पर जाने वाले बच्चों को सुरक्षित महसूस हो सकेगा।
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स्थानीय निवासी अरुण समटा ने बताया कि वर्ष 2010 में ये कॉलोनी बनी है। पेयजल, पक्की सड़क, स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को कॉलोनी के लोग तरस रहे हैं। सरकार और जलशक्ति विभाग की तरफ से कोई पेयजल व्यवस्था नहीं। लोग मिलकर निजी बोर करवा कर पेयजल प्राप्त कर रहे हैं।
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सुनीता पोजटा ने बताया कि अपनों में बेगाना जैसी हालत सुदर्शन कॉलोनी के लोगों की है। बच्चों को बेहतर शिक्षा, नौकरी पेशा व व्यवसाय के उद्देश्यों से पांवटा साहिब परिवार पहुंचे हैं लेकिन सरकार, विभिन्न विभागों और पंचायत से विकास में कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
गोपाल सिंगटा ने बताया कि कुंजा से कॉलोनी तक आने वाले मुख्य नहर मार्ग की हालत जगह-जगह खस्ताहाल है। बरसाती खड्ड पर पुलिया तक नहीं बन सकी है। बरसात में दो किमी घूम कर रामपुरघाट से पांवटा पहुंचना पड़ता है। सड़क पक्की हो और कुंजा खड्ड में पुलिया निर्माण हो।
कल्पना समटा ने बताया कि शाम ढलते ही शिव मंदिर कुंजा से सुदर्शन कॉलोनी के संपर्क मार्गों पर अंधेरा पसर जाता है। कॉलोनी की बेटियों को अंधेरे में नहर मार्ग से गुजरना कठिन हो जाता है। पंचायत के माध्यम से स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की जाए।
शेर सिंह ने कहा कि सबसे अधिक हैरानी की बात ये है कि सांसद, स्थानीय विधायक के माध्यम से कोई निधि स्थानीय विकास को आज तक नहीं मिली है। ग्राम पंचायत भी विकास कार्यों में कोई सहयोग और दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
सुदर्शन कॉलोनी निवासी अरुण चौहान ने बताया कि सुदर्शन और महासू कॉलोनी में 150 से अधिक परिवार हैं। नहर मार्ग, खस्ताहाल है, सीवरेज सुविधा नहीं, कच्ची टूटी संपर्क गलियां, स्कूली बच्चों को शाम के समय नशेड़ियों के चलते आवागमन में दिक्कतें रहती है।
पूनम ने कहा कि कुंजा से मुख्य नहर मार्ग की हालत सबसे खराब है। जलशक्ति विभाग नहर की साफ-सफाई भी नहीं करवा रहा है। शाम के समय नहर के आसपास चलने पर सांप इत्यादि का डर बना रहता है। नहर में ही कूड़ा-करकट भरा रहता है।

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समस्या या मांग पहुंचती है तो प्राथमिकता पर होगा कार्य : सुखराम चौधरी
स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि हर क्षेत्र के विकास को समान तवज्जो दी जा रही है। इन कॉलोनी के लोगों की विकास को लेकर कोई मांग आती है तो प्राथमिकता के आधार पर सांसद निधि व विधायक निधि से बजट प्रावधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।

संवाद--------
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