फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   so many peoples sank in baraje

Sirmour News: मौत का कुआं बना करोड़ों से तैयार यमुनाघाट बैराज, अब तक 65 लोग डूबे

Thu, 25 Sep 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 11:55 PM IST
सार

पांवटा साहिब में यमुना नदी पर 1980 के दशक में बनाया गया बैराज अब मौत का कुआं बन गया है। पिछले दो दशकों में यहां 65 से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है। स्थानीय लोग या तो समाधान या बैराज हटाने की मांग कर रहे हैं।

विज्ञापन
so many peoples sank in baraje

विस्तार

(खास खबर)
विज्ञापन


गर्मियों में पानी रोकने के लिए अस्सी के दशक में तैयार की गई थी योजना
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग होने के बाद से लटकी है योजना

सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। वर्ष 1980 के दशक में यमुना नदी पर गर्मियों के मौसम में स्नान के लिए कम से कम 6 मीटर बहता पानी रोकने को करीब तीस करोड़ से बैराज (वीयर योजना) बनाई गई थी। इस योजना के तहत घाट का सौंदर्यीकरण, बैराज का कार्य हुआ। अब यह योजना पूरी तरह से मौत का कुआं साबित हो रही है। पिछले दो दशकों में 65 से अधिक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो चुकी है। इनमें से 80 फीसदी लोग बैराज के भंबर वाले गहरे स्थल पर डूबकर जान गंवा चुके हैं। बुद्धिजीवियों का कहना है कि इस योजना को सुचारु किया जाए या इस जानलेवा बैराज को ही हटवाया जाए।
गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब प्रबंधन कमेटी के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के माध्यम से बैराज योजना का निर्माण किया गया था। केंद्र से बजट का प्रावधान होने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्य शुरू करवाया। उत्तर प्रदेश ने बिजली प्रोजेक्ट और सिंचाई नहर का निर्माण करवाया था। इससे गर्मियों में यमुना नदी में पानी नहीं पहुंचता था। श्रद्धालुओं को पवित्र स्नान के उद्देश्य से गर्मियों के दिनों में पानी रोकने के लिए योजना तैयार की गई थी।
विज्ञापन

सेवानिवृत्त गुरद्वारा प्रबंधक कुलवंत सिंह चौधरी ने कहा कि 1978 से 1980 के बीच केंद्र से बजट मिलने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने बैराज योजना को तैयार करवाया है। गर्मियों में पानी रोकने के उद्देश्य से पांच फाटक वाला बैराज तैयार किया गया। बिजली की व्यवस्था भी की गई। गोबिंदघाट के सौंदर्यीकरण व पानी रोककर पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए वोटिंग जैसी सुविधा प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड राज्य अलग बनने के बाद योजना लटक गई। बिजली का कन्नेक्शन कट चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमात्कर्ष जिला सिरमौर इकाई अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि करोड़ों से बना बैराज (वीयर योजना) मौत का कुआं बन चुका है। नदी के घाट पर पिछले दो दशकों में कई युवा बैराज के निचले कोने में भंवर वाले स्थल पर जान गंवा चुके हैं। इस योजना स्थल पर जालियों, रस्सियां या नहाने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की जान बचाने के ठोस उपाय करने जरूरी हैं। प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन को इस संवेदनशील स्थल का कोई समाधान निकालना चाहिए। पांवटा साहिब के व्यवसायी सुरजीत सिंह ने बताया कि जिस उद्देश्य से बैराज का निर्माण किया गया है, वह पूरा नहीं हो रहा है। बिजली कन्नेक्शन कट जाने से योजना में लगे गेट बंद नहीं होते। योजना स्थल पर गहराई काफी अधिक हो चुकी है। बरसात में और भी खतरनाक स्थल बन जाता है। इस स्थल पर योजना को सुचारु किया जाए, या मौत का कुआं बनी बैराज योजना को ही हटवा दिया जाए। इससे हर वर्ष होने वाले जानलेवा हादसों पर कुछ अंकुश लग सकेगा।

बाक्स

जानलेवा बैराज हटाने को करेंगे संघर्ष : नाथूराम चौहान
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने कहा कि करोड़ों की लागत से आधा अधूरा बैराज जानलेवा साबित हो रहा है। इसको हटाने में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार से बात करेंगे। इसको हटाने के लिए संघर्ष करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed