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संगड़ाह-पीडिय़ाधार पांच दिन, पांवटा-शिलाई सड़क तीन दिन से बंद
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संगड़ाह-पालर-पी ड़ियाधार सड़क को बहाल करने में जुटी लोक निर्माण विभाग की मशीनरी। संवाद
- फोटो : NAHAN
नाहन/सतौन/संगड़ाह (सिरमौर)। बीते दिनों भारी बारिश से अवरुद्ध हुई सड़कों पर आवाजाही बहाल न होने से ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। लिहाजा, लोगों की दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले की 19 सड़कों पर बुधवार को भी आवाजाही बहाल नहीं हो सकी।
नाहन-राजगढ़ वाया बागथन-खैरी सड़क को बहाल करने में अभी काफी वक्त लग सकता है। खैरी के समीप बीते रविवार भारी बारिश से पुल टूटने से इलाके की कई पंचायतों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इसी सड़क पर कोट के समीप भी सड़क को बहाल करने में विभाग को कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, पांवटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुए तीन दिन हो चुके हैं। कच्ची ढांक में सड़क धंसने से सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। हालांकि, एनएच प्राधिकरण ने सड़क खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा है। कई मशीनें लगाकर सड़क को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच मुसाफिर वाया भटरोग और वाया मालगी वैकल्पिक सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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गौरतलब हो कि पिछले तीन साल से यह सड़क कच्ची ढांक के समीप हर वर्ष धंस रही है, जिसका स्थायी समाधान ढूंढने में विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
मुसाफिर एक छोर से दूसरे छोर पर पैदल चलकर बसों में शिफ्ट हो रहे हैं। मुसाफिर के पास पांवटा जाने के लिए दो वैकल्पिक सड़क मार्ग हैं लेकिन सड़क बंद का सबसे ज्यादा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
तीन दिन से सतौन का पत्थर मंडी का कारोबार ठप पड़ा हुआ है। इससे मालवाहक ट्रकों के पहिये थम गए हैं। एसडीएम पांवटा विवेक महाजन ने बताया कि सड़क को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। सड़क जल्द ही बहाल कर दी जाएगी।
इसी तरह संगड़ाह-पालर-पीड़ियाधार मार्ग हरलोग नामक स्थान पर पांच दिन से बंद है। इस सड़क करीब 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है जहां लोक निर्माण विभाग सड़क को खोलने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। यहां दोनों ओर से दो जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन उक्त स्थान पर जगह कच्ची होने के कारण मार्ग को खोलने में मुश्किल पैदा हो रही है। सहायक अभियंता हरिचंद चौहान ने बताया कि मार्ग की बहाली के लिए लगातार वह मौके पर डटे हैं।
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घरों और गोशालाओं को भारी नुकसान
नाहन। बीते दिनों हुई बारिश से मालोंवाला के मुंशी खान के पक्के मकान को 50,000 रुपये का नुकसान आंका गया है। इसी गांव के मलिक मोहम्मद के मकान को 60,000 रुपये की क्षति पहुंची। पच्छाद के मानगढ़ में खुशीराम के पक्के मकान को 50,000, मेहंदोबाग में टीकाराम के मकान को एक लाख, मानगढ़ के विनोद कुमार के मकान को 28,200 और इसी गांव के नरेश कुमार के घर को 30,900 रुपये का नुकसान हुआ।
इसके अलावा मानगढ़ के भूप सिंह की गोशाला को 10,000, जामन की सैर के सुभाष की गोशाला को 15,000, राजगढ़ के नेहरा पाब के ध्यानु की गोशाला को 5,000, इसी गांव के रणजोत सिंह की गोशाला को 4,000, और ठाकुरद्वारा इलाके के शेर सिंह के घराट को 20,000 रुपये का नुकसान आंका गया है।
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नाहन-राजगढ़ वाया बागथन-खैरी सड़क को बहाल करने में अभी काफी वक्त लग सकता है। खैरी के समीप बीते रविवार भारी बारिश से पुल टूटने से इलाके की कई पंचायतों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इसी सड़क पर कोट के समीप भी सड़क को बहाल करने में विभाग को कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है।
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इधर, पांवटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हुए तीन दिन हो चुके हैं। कच्ची ढांक में सड़क धंसने से सड़क पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। हालांकि, एनएच प्राधिकरण ने सड़क खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रखा है। कई मशीनें लगाकर सड़क को बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच मुसाफिर वाया भटरोग और वाया मालगी वैकल्पिक सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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गौरतलब हो कि पिछले तीन साल से यह सड़क कच्ची ढांक के समीप हर वर्ष धंस रही है, जिसका स्थायी समाधान ढूंढने में विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
मुसाफिर एक छोर से दूसरे छोर पर पैदल चलकर बसों में शिफ्ट हो रहे हैं। मुसाफिर के पास पांवटा जाने के लिए दो वैकल्पिक सड़क मार्ग हैं लेकिन सड़क बंद का सबसे ज्यादा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
तीन दिन से सतौन का पत्थर मंडी का कारोबार ठप पड़ा हुआ है। इससे मालवाहक ट्रकों के पहिये थम गए हैं। एसडीएम पांवटा विवेक महाजन ने बताया कि सड़क को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर चला हुआ है। सड़क जल्द ही बहाल कर दी जाएगी।
इसी तरह संगड़ाह-पालर-पीड़ियाधार मार्ग हरलोग नामक स्थान पर पांच दिन से बंद है। इस सड़क करीब 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है जहां लोक निर्माण विभाग सड़क को खोलने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। यहां दोनों ओर से दो जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन उक्त स्थान पर जगह कच्ची होने के कारण मार्ग को खोलने में मुश्किल पैदा हो रही है। सहायक अभियंता हरिचंद चौहान ने बताया कि मार्ग की बहाली के लिए लगातार वह मौके पर डटे हैं।
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घरों और गोशालाओं को भारी नुकसान
नाहन। बीते दिनों हुई बारिश से मालोंवाला के मुंशी खान के पक्के मकान को 50,000 रुपये का नुकसान आंका गया है। इसी गांव के मलिक मोहम्मद के मकान को 60,000 रुपये की क्षति पहुंची। पच्छाद के मानगढ़ में खुशीराम के पक्के मकान को 50,000, मेहंदोबाग में टीकाराम के मकान को एक लाख, मानगढ़ के विनोद कुमार के मकान को 28,200 और इसी गांव के नरेश कुमार के घर को 30,900 रुपये का नुकसान हुआ।
इसके अलावा मानगढ़ के भूप सिंह की गोशाला को 10,000, जामन की सैर के सुभाष की गोशाला को 15,000, राजगढ़ के नेहरा पाब के ध्यानु की गोशाला को 5,000, इसी गांव के रणजोत सिंह की गोशाला को 4,000, और ठाकुरद्वारा इलाके के शेर सिंह के घराट को 20,000 रुपये का नुकसान आंका गया है।

पांवटा-शिलाई एनएच-707 पर कच्ची ढांक में मार्ग बंद होने से पैदल गंतव्य की ओर जाते लोग। संवाद- फोटो : NAHAN

पांवटा-शिलाई पर कच्ची ढांक में मानसून से क्षतिग्रस्त सड़क की बहाली के कार्य में लगाई गईं जेसीबी म- फोटो : NAHAN