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पांवटा यमुनाघाट पर सुबह से रात तक तैनात रहेंगे आधा दर्जन गोताखोर
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। एसडीएम और डीएसपी पांवटा की टीम ने शुक्रवार को हादसों के लिए संवेदनशील पांवटा के यमुनाघाट का निरीक्षण किया। इस दौरान यहां किसी भी तरह के संभावित हादसे को रोकने के उद्देश्य से बरसात के सीजन में आधा दर्जन स्थानीय गोताखोर यमुनाघाट पर तैनात करने का निर्णय लिया गया।
बता दें कि हर वर्ष यमुनाघाट पर कई दर्दनाक हादसे पेश आते हैं जिनमें कोई न कोई अपनी जान गंवा देता है। डेढ़ दशक में चार दर्जन से अधिक लोग स्नान करते हुए जान गंवा चुके हैं। इस वर्ष भी दो नौजवानों की डूबने से मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन एवं डीएसपी पांवटा वीर बहादुर ने यमुनाघाट का जायजा लिया। उफनते यमुना नदी के पानी की लहरों से सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए पहुंचे। एसडीएम पांवटा विवेक महाजन ने कहा कि यमुनाघाट पर पानी का बहाव और गहराई कुछ स्थलों पर बताई जा रही है जो हादसों का सबब बनती है। इसलिए बरसात के मौसम में आधा दर्जन गोताखोरों को मौके पर तैनात किया जा रहा है। गोताखोर टीम को लाइफ सेविंग जैकेट, रबड़ ट्यूब और रस्सा समेत सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी सामान दिया जा रहा है। यह गोताखोर मौके पर तैनात रहते हुए स्नान करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जागरूक भी करेंगे। स्नान करते हुए किसी भी तरह के हादसा होने पर तुरंत सुरक्षा के लिए अलर्ट रहेंगे। एसडीएम ने श्रद्धालुओं से भी बरसात के मौसम में यमुना नदी से दूर रहने का आग्रह किया है। बरसात में जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
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डीएसपी वीर बहादुर का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यमुनाघाट परिसर में रोज दो जवान (होमगार्ड-पुलिस) गश्त में तैनात रहेंगे जो स्नान करने पहुंचने वाले यात्रियों का संभावित खतरे से आगाह करेंगे।
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बता दें कि हर वर्ष यमुनाघाट पर कई दर्दनाक हादसे पेश आते हैं जिनमें कोई न कोई अपनी जान गंवा देता है। डेढ़ दशक में चार दर्जन से अधिक लोग स्नान करते हुए जान गंवा चुके हैं। इस वर्ष भी दो नौजवानों की डूबने से मौत हो चुकी है।
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शुक्रवार को एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन एवं डीएसपी पांवटा वीर बहादुर ने यमुनाघाट का जायजा लिया। उफनते यमुना नदी के पानी की लहरों से सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए पहुंचे। एसडीएम पांवटा विवेक महाजन ने कहा कि यमुनाघाट पर पानी का बहाव और गहराई कुछ स्थलों पर बताई जा रही है जो हादसों का सबब बनती है। इसलिए बरसात के मौसम में आधा दर्जन गोताखोरों को मौके पर तैनात किया जा रहा है। गोताखोर टीम को लाइफ सेविंग जैकेट, रबड़ ट्यूब और रस्सा समेत सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी सामान दिया जा रहा है। यह गोताखोर मौके पर तैनात रहते हुए स्नान करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जागरूक भी करेंगे। स्नान करते हुए किसी भी तरह के हादसा होने पर तुरंत सुरक्षा के लिए अलर्ट रहेंगे। एसडीएम ने श्रद्धालुओं से भी बरसात के मौसम में यमुना नदी से दूर रहने का आग्रह किया है। बरसात में जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
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डीएसपी वीर बहादुर का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यमुनाघाट परिसर में रोज दो जवान (होमगार्ड-पुलिस) गश्त में तैनात रहेंगे जो स्नान करने पहुंचने वाले यात्रियों का संभावित खतरे से आगाह करेंगे।
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