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सिरमौर में भूस्खलन से 14 सड़कें बंद, एनएच पर गिरे पेड़

Mon, 26 Jul 2021 11:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:54 PM IST
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road block in sirmaur
चकरेड़ा में डंगा क्षतिग्रस्त होने के बाद सड़क पर तैनात होमगार्ड जवान। - फोटो : NAHAN
नाहन/सतौन (सिरमौर)। सिरमौर में बारिश के चलते जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पिछले कुछ घंटों से लगातार जारी बारिश के चलते जिले की कई सड़कों पर भारी भूस्खलन हुआ। इस कारण जिले में सोमवार को 14 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप रही। वहीं, एनएच 707 पर भूस्खलन के चलते पेड़ गिर गए। इससे भी कुछ घंटों के लिए आवाजाही ठप रही। इसके साथ-साथ गिरिपार क्षेत्र की कांटी मशवा पंचायत के ढाब गांव के समीप सड़क किनारे लगा विद्युत ट्रांसफार्मर बारिश से खंभे समेत सड़क पर गिर गया। इससे भी सड़क पर आवाजाही भी बंद रही।
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जिला मुख्यालय नाहन में भूस्खलन के चलते शमीम निवासी चंबा मैदान और मदनलाल निवासी विला राउंड के घरों को खतरा पैदा हो गया है। शहर के चकरेड़ा मोहल्ला के समीप सड़क किनारे भूस्खलन से डंगा गिर गया। इससे सड़क काफी संकरी हो गई है। वहीं, हादसे का भी खतरा पैदा हो गया है। सिरमौर में सोमवार को शिलाई व संगड़ाह आदि क्षेत्रों में दर्जनभर सड़कें भारी मलबा आने से बंद रही। इससे यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
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पांवटा साहिब-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर सतौन के पास भूस्खलन से कुछ पेड़ गिर गए हैं। पेड़ की चपेट में आने से एचआरटीसी की नाहन-चौपाल बस चालक की सूझबूझ से बाल-बाल बच गई। यह मार्ग आधे घंटे तक अवरुद्ध रहा। भूस्खलन के चलते धराशाही हुए पेड़ों की जड़ें एनएच के चौड़ीकरण कार्य के दौरान उखड़ चुकी थीं, जिन्हें बचाने के संबंधित कंपनी एवं वन विभाग ने कोई प्रयास नहीं किए। नतीजन अब पेड़ बारिश और हवा के झोंके से गिरने लगे हैं। इसको लेकर अमर उजाला ने 21 जुलाई के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। राजबन और सतौन के समीप करीब 15 पेड़ों को नुकसान हुआ है। इसके अलावा कुछ पेड़ ऐसे हैं जिनकी जड़े बाहर निकल गई हैं। वह भी गिरने के कगार पर हैं।
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डीएफओ कुणाल अंग्रिश ने बताया कि सभी पेड़ों का आकलन कर देहरादून भेजा गया है। वहीं से इनकी जुर्माना राशि तय होगी जिसे कंपनी के ठेकेदार पर लगाया जाएगा। इसके अलावा एनएच विभाग के ठेकेदार को लिखित पत्र भेजा गया है, जिसमें पेड़ों को बचाने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के दौरान कांटी मशवा पंचायत के ढाब गांव के समीप सड़क के किनारे लगा ट्रांसफार्मर खंभे समेत सड़क पर गिर गया। इससे बिजली बोर्ड के निर्माण कार्य की पोल भी खुल गई है।
कांटी मशवा पंचायत के पूर्व उपप्रधान सुरेंद्र सिंह, अरविंद कंवर, प्रदीप सिंह, सुरेश कुमार आदि ने बताया कि ढाब पीपली गांव के लिए बोर्ड ने लाखों रुपये की लागत से ट्रांसफार्मर लगाया था लेकिन ठेकेदार ने बिजली के खंभों को बिना कंक्रीट के गाड़ दिया। रविवार देर रात बारिश होने से बिजली का ट्रांसफार्मर खंभों समेत सड़क पर ध्वस्त हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रांसफार्मर के खंभों को दो-दो फीट मिट्टी में दबा दिया, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने इस मामले की जांच की मांग की है। अधिशासी अभियंता अजय चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है। जल्द ही ट्रांसफार्मर को ठीक करवा दिया जाएगा।
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