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Sirmour News: गिरि नदी विद्युत परियोजना में 6 महीने बाद बढ़ा विद्युत उत्पादन
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गिरि नदी विद्युत परियोजना में 6 महीने बाद बढ़ा विद्युत उत्पादन
बारिश होने पर योजना की दोनों टरबाइनों को किया गया चालू
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)। इस साल बारिश की बेरुखी के चलते गिरि नदी का जल स्तर कम होने से विद्युत उत्पादन 85 प्रतिशत तक कम चल रहा था। सुबह चार बजे हुई बारिश से एकाएक नदी का जल स्तर बढ़ गया है जिससे पावर हाउस में दोनों टरबाइनों को चालू कर दिया गया है। ऐसे में यहां करीब 6 माह बाद विद्युत उत्पादन में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि यहां पर ऊपरी क्षेत्रों में मात्र दो घंटे की बारिश हुई है इससे चार से छह घंटे तक ही विद्युुत उत्पादन टिक पाया है।
बरसात के दिनों में हर साल जुलाई के महीने में दोनों टरबाइनों के योग्य पानी होने से 60 मेगाबाइट उत्पादन होता था। वहीं इस साल जुलाई महीने में 15 मेगाबाइट होता रहा है। हालांकि विद्युत उत्पादन का लक्ष्य विद्युत बोर्ड द्वारा जुलाई महीने का 30 हजार मेगावाट निर्धारित था। जबकि इस माह के मात्र पांच दिन शेष बचे हैं ऐसे में लक्ष्य को छुपाना असंभव है।
बोर्ड के आरई अजय चौधरी ने बताया कि इस साल बारिश की कमी से विद्युत उत्पादन बहुत कम रहा है।
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बारिश होने पर योजना की दोनों टरबाइनों को किया गया चालू
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)। इस साल बारिश की बेरुखी के चलते गिरि नदी का जल स्तर कम होने से विद्युत उत्पादन 85 प्रतिशत तक कम चल रहा था। सुबह चार बजे हुई बारिश से एकाएक नदी का जल स्तर बढ़ गया है जिससे पावर हाउस में दोनों टरबाइनों को चालू कर दिया गया है। ऐसे में यहां करीब 6 माह बाद विद्युत उत्पादन में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि यहां पर ऊपरी क्षेत्रों में मात्र दो घंटे की बारिश हुई है इससे चार से छह घंटे तक ही विद्युुत उत्पादन टिक पाया है।
बरसात के दिनों में हर साल जुलाई के महीने में दोनों टरबाइनों के योग्य पानी होने से 60 मेगाबाइट उत्पादन होता था। वहीं इस साल जुलाई महीने में 15 मेगाबाइट होता रहा है। हालांकि विद्युत उत्पादन का लक्ष्य विद्युत बोर्ड द्वारा जुलाई महीने का 30 हजार मेगावाट निर्धारित था। जबकि इस माह के मात्र पांच दिन शेष बचे हैं ऐसे में लक्ष्य को छुपाना असंभव है।
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बोर्ड के आरई अजय चौधरी ने बताया कि इस साल बारिश की कमी से विद्युत उत्पादन बहुत कम रहा है।