{"_id":"6a8d98616affe0b63d0c4124","slug":"opposition-to-merging-the-girls-school-at-dadahu-with-the-cbse-board-nahan-news-c-177-1-nhn1002-187015-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: कन्या स्कूल ददाहू को सीबीएसई में मर्ज करने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: कन्या स्कूल ददाहू को सीबीएसई में मर्ज करने का विरोध
विज्ञापन
अभिभावकों ने विधायक के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजा प्रस्ताव, हिमाचल बोर्ड के अधीन रखने की मांग
मर्ज होने से कन्या पाठशाला का खत्म होगा अस्तित्व, वरिष्ठ माध्यमिक करने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। राजकीय कन्या उच्च पाठशाला ददाहू को सीबीएसई स्कूल में मर्ज किए जाने की चर्चा के बीच अभिभावक इसके विरोध में लामबंद हो गए हैं। अभिभावकों ने प्रस्ताव पारित कर विधायक के माध्यम से शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा है। इसमें कन्या पाठशाला को सीबीएसई में मर्ज न करने और पूर्व की तरह हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन रखने की मांग की गई है।
स्कूल एसएमसी अध्यक्ष जसवंत सिंह सहित अभिभावकों तारा देवी, सीमा, संगीता, आशा देवी, रामदत्त, संतोष, धनमंती देवी, पम्मी, मंजू और कुंता देवी ने कहा कि वर्ष 1965 से संचालित इस स्कूल में करीब 200 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इनमें अधिकांश गरीब परिवारों और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं। रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में यह एकमात्र कन्या स्कूल है। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल को सीबीएसई में मर्ज करने से कन्या पाठशाला का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने मांग की कि स्कूल को सीबीएसई पाठ्यक्रम में मर्ज करने के बजाय इसका दर्जा बढ़ाकर अलग से कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किया जाए। स्कूल को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन ही रखा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।
विज्ञापन
अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में छात्राओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा की सुविधा मिल रही है। सीबीएसई में मर्ज किए जाने से गरीब और ग्रामीण परिवारों की छात्राओं के सामने पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से कन्या स्कूल का अस्तित्व बरकरार रखते हुए इसका दर्जा बढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन
मर्ज होने से कन्या पाठशाला का खत्म होगा अस्तित्व, वरिष्ठ माध्यमिक करने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। राजकीय कन्या उच्च पाठशाला ददाहू को सीबीएसई स्कूल में मर्ज किए जाने की चर्चा के बीच अभिभावक इसके विरोध में लामबंद हो गए हैं। अभिभावकों ने प्रस्ताव पारित कर विधायक के माध्यम से शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजा है। इसमें कन्या पाठशाला को सीबीएसई में मर्ज न करने और पूर्व की तरह हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन रखने की मांग की गई है।
स्कूल एसएमसी अध्यक्ष जसवंत सिंह सहित अभिभावकों तारा देवी, सीमा, संगीता, आशा देवी, रामदत्त, संतोष, धनमंती देवी, पम्मी, मंजू और कुंता देवी ने कहा कि वर्ष 1965 से संचालित इस स्कूल में करीब 200 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इनमें अधिकांश गरीब परिवारों और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं। रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में यह एकमात्र कन्या स्कूल है। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल को सीबीएसई में मर्ज करने से कन्या पाठशाला का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की कि स्कूल को सीबीएसई पाठ्यक्रम में मर्ज करने के बजाय इसका दर्जा बढ़ाकर अलग से कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला किया जाए। स्कूल को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन ही रखा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।
विज्ञापन
अभिभावकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में छात्राओं को स्थानीय स्तर पर शिक्षा की सुविधा मिल रही है। सीबीएसई में मर्ज किए जाने से गरीब और ग्रामीण परिवारों की छात्राओं के सामने पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से कन्या स्कूल का अस्तित्व बरकरार रखते हुए इसका दर्जा बढ़ाने की मांग की है।