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शाही स्नान पर कोई बंदिश नहीं, बनाए रखनी होगी सामाजिक दूरी
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ददाहू (सिरमौर)। मकर संक्रांति पर मंदिरों में श्रद्धालुओं को कोरोना नियमों के तहत ही दर्शन की इजाजत होगी। प्रत्येक श्रद्धालु को कोरोना नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य पर जिले के मंदिरों में सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनों के साथ-साथ दान पुण्य आदि के लिए आते हैं।
रेणुकाजी तीर्थ में शाही स्नान की परंपरा को भी निभाया जाता है। इस बीच कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए कुछ बंदिशें लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं को मास्क पहनकर ही मंदिरों में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का भी श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर पालन करना होगा। किसी भी श्रद्धालु को मंदिरों की मूर्तियों को छूने की इजाजत नहीं होगी।
हालांकि, पवित्र रेणुका झील में शाही स्नान करने पर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं होगी, लेकिन स्नानाघाट पर श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना पड़ेगा। मंदिरों में भी किसी प्रकार के हवन-यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
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श्रद्धालुओं को केवल दूर से ही मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन करने की इजाजत होगी। रेणुका विकास बोर्ड के सदस्य सचिव व एसडीएम नाहन रजनेश शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों पर कोई पाबंदी नहीं है। श्रद्धालुओं को पूर्व की भांति कोरोना नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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रेणुकाजी तीर्थ में शाही स्नान की परंपरा को भी निभाया जाता है। इस बीच कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए कुछ बंदिशें लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं को मास्क पहनकर ही मंदिरों में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही सामाजिक दूरी के नियमों का भी श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर पालन करना होगा। किसी भी श्रद्धालु को मंदिरों की मूर्तियों को छूने की इजाजत नहीं होगी।
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हालांकि, पवित्र रेणुका झील में शाही स्नान करने पर किसी तरह की कोई बंदिश नहीं होगी, लेकिन स्नानाघाट पर श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना पड़ेगा। मंदिरों में भी किसी प्रकार के हवन-यज्ञ, धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे आदि का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
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श्रद्धालुओं को केवल दूर से ही मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन करने की इजाजत होगी। रेणुका विकास बोर्ड के सदस्य सचिव व एसडीएम नाहन रजनेश शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों पर कोई पाबंदी नहीं है। श्रद्धालुओं को पूर्व की भांति कोरोना नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।