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Sirmour News: कहने को आदर्श और पीएमश्री विद्यालय, विज्ञान विषय की पढ़ाई पड़ी है ठप
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राजगढ़ स्कूल में केमिस्ट्री और फिजिक्स के पद खाली, छात्र परेशान
कहने को आदर्श और पीएमश्री विद्यालय, विज्ञान विषय की पढ़ाई पड़ी है ठप
इन पदों को भरने का प्रयास न नेताओं न ही विभाग ने किया और सरकार ने भी सुध नहीं ली
अब प्रधानाचार्य ने भी करवा लिया स्थानांतरण, एक प्रवक्ता को सौंप रखी जिम्मेदारी
वेद प्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)। प्रदेश सरकार के बेहतर शिक्षा देने के दावे वास्तविकता से कोसों नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक उपमंडल मुख्यालय राजगढ़ के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़, जिसे पहले आदर्श और बाद में पीएमश्री उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ है में विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय के दो प्रवक्ताओं के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं।
यही नहीं अब यहां से प्रधानाचार्य का भी स्थानांतरण हो गया है और उनके स्थान पर कोई तैनाती नहीं की गई है। इस आदर्श, पीएमश्री विद्यालय में विज्ञान संकाय के फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रवक्ताओं के पद वर्षों से खाली पड़े हैं जिन्हें भरने का प्रयास न तो स्थानीय नेताओं ने किया और न ही शिक्षा विभाग और सरकार ने कोई सुध ली।
आलम यह है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व यहां कार्यरत प्रधानाचार्य ने अपना स्थानांतरण जिला सोलन के लिए करवा दिया था लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण मामला लंबित पड़ा था। आचार संहिता हटते ही उन्होंने दो दिन पूर्व नए कार्यस्थल पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली और यहां प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त हो गया।
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हैरानी का विषय है कि उनके स्थान पर कोई तैनात नहीं किया गया। इससे एक वरिष्ठ प्रवक्ता को कार्यकारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करना पड़ेगा जिससे विज्ञान विषय ही नहीं किसी एक अन्य विषय पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो जाएगी।
इस विद्यालय में प्रवक्ता फिजिक्स का पद जनवरी 2022 से और प्रवक्ता केमिस्ट्री का पद अप्रैल 2022 से रिक्त पड़ा है। राजगढ़ विद्यालय में सबसे पहले विज्ञान संकाय प्रारंभ हुआ था और आसपास के क्षेत्रों से विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए बच्चे यहां आते हैं लेकिन दो वर्षों से फिजिक्स और केमिस्ट्री के नियमित प्रवक्ता न होने से बच्चों का भविष्य धूमिल होता जा रहा है।
इस बारे में कार्यकारी प्रधानाचार्य विजय वर्मा ने बताया कि दो प्रवक्ताओं के पद दो वर्षों से खाली पड़े हैं और अब प्रधानाचार्य का पद भी खाली हो गया है। उन्होंने बताया कि खाली पदों की सूचना समय-समय पर उच्चाधिकारियों को जाती है।
-- -- संवाद
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कहने को आदर्श और पीएमश्री विद्यालय, विज्ञान विषय की पढ़ाई पड़ी है ठप
इन पदों को भरने का प्रयास न नेताओं न ही विभाग ने किया और सरकार ने भी सुध नहीं ली
अब प्रधानाचार्य ने भी करवा लिया स्थानांतरण, एक प्रवक्ता को सौंप रखी जिम्मेदारी
वेद प्रकाश ठाकुर
राजगढ़ (सिरमौर)। प्रदेश सरकार के बेहतर शिक्षा देने के दावे वास्तविकता से कोसों नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक उपमंडल मुख्यालय राजगढ़ के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़, जिसे पहले आदर्श और बाद में पीएमश्री उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा प्राप्त हुआ है में विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय के दो प्रवक्ताओं के पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं।
यही नहीं अब यहां से प्रधानाचार्य का भी स्थानांतरण हो गया है और उनके स्थान पर कोई तैनाती नहीं की गई है। इस आदर्श, पीएमश्री विद्यालय में विज्ञान संकाय के फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रवक्ताओं के पद वर्षों से खाली पड़े हैं जिन्हें भरने का प्रयास न तो स्थानीय नेताओं ने किया और न ही शिक्षा विभाग और सरकार ने कोई सुध ली।
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आलम यह है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना से पूर्व यहां कार्यरत प्रधानाचार्य ने अपना स्थानांतरण जिला सोलन के लिए करवा दिया था लेकिन चुनावी आचार संहिता के कारण मामला लंबित पड़ा था। आचार संहिता हटते ही उन्होंने दो दिन पूर्व नए कार्यस्थल पर ड्यूटी ज्वाइन कर ली और यहां प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त हो गया।
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हैरानी का विषय है कि उनके स्थान पर कोई तैनात नहीं किया गया। इससे एक वरिष्ठ प्रवक्ता को कार्यकारी प्रधानाचार्य के रूप में कार्य करना पड़ेगा जिससे विज्ञान विषय ही नहीं किसी एक अन्य विषय पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो जाएगी।
इस विद्यालय में प्रवक्ता फिजिक्स का पद जनवरी 2022 से और प्रवक्ता केमिस्ट्री का पद अप्रैल 2022 से रिक्त पड़ा है। राजगढ़ विद्यालय में सबसे पहले विज्ञान संकाय प्रारंभ हुआ था और आसपास के क्षेत्रों से विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए बच्चे यहां आते हैं लेकिन दो वर्षों से फिजिक्स और केमिस्ट्री के नियमित प्रवक्ता न होने से बच्चों का भविष्य धूमिल होता जा रहा है।
इस बारे में कार्यकारी प्रधानाचार्य विजय वर्मा ने बताया कि दो प्रवक्ताओं के पद दो वर्षों से खाली पड़े हैं और अब प्रधानाचार्य का पद भी खाली हो गया है। उन्होंने बताया कि खाली पदों की सूचना समय-समय पर उच्चाधिकारियों को जाती है।