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नेहली धीड़ा पंचायत में तेंदुओं की दहशत
ब्यूरो/ अमर उजाला, सिरमाौर
Updated Wed, 03 Feb 2016 07:13 PM IST
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तहसील नाहन के अंतर्गत आने वाली नेहली धीड़ा पंचायत में खूंखार तेंदुओं के खौफ से पूरी नेहली धीड़ा पंचायत में भय बना हुआ है। बीती 28 जनवरी को ही पंचायत के चाई महडोग गांव में सुबह सवेरे घात लगाकर बैठे तेंदुए ने दो युवकों पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर बुरी तरह से घायल कर दिया था। हालांकि बाद में घायल युवकों ने तेंदुए को मौत के घाट उतार दिया था।
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इस हमले से घबरा लोग अभी संभले भी नहीं थे कि जंगल में घूम रहे तेंदुए ने क्षेत्र में 9 पालतू बकरियों सहित दो कुत्तों को भी अपना निवाला बना दिया है। पंचायत के लोगों का कहना है कि तेंदुए लोगों पर जान लेवा हमला कर रहे हैं। मवेशियों को नोच कर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं लेकिन विभाग तथा प्रशासन अभी तक पंचायत के लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई भी पुख्ता कदम नहीं उठा सका जिसे लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। लोगों को अपने बच्चों की सुरक्षा सताने लगी है।
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पीड़ित किसान अंकुर ठाकुर, राजेश कुमार, अनिल कुमार, मदन सिंह, नरेश कुमार, रणजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि पंचायत के दथनोग, चाई महडोग, बरमन, क्यार टू, सेहात, डगराहां आदि गांवों के लोगों में तेंदुओं का खौफ इस कदर बैठ गया है कि शाम ढलते ही लोग बच्चों को लेकर घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों को डर है कि कहीं तेंदुए फिर से लोगों पर हमला न कर दें।
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उधर नेहली धीड़ा पंचायत प्रधान बाबूराम की माने तो क्षेत्र में तेंदुओं के आतंक से लोग भयभीत हैं। लोगों की सुरक्षा को लेकर पंचायत का प्रतिनिधि मंडल जल्द ही इस बाबत उपायुक्त बीसी बडालिया को मिलकर सुरक्षा की मांग करेगा।
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मादा तेंदुआ बच्चे के साथ घूमती देखी गई
नेहली धीड़ा पंचायत के लोगों का कहना है कि एक तेंदुआ बीते दिन हमले के दौरान मारा गया लेकिन एक मादा तेंदुआ अपने बच्चे के साथ क्षेत्र के जंगलों में घूम रही है। बच्चे के साथ रहने के चलते ही तेंदुआ मवेशीखोर बन गया है। विभाग ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया तो जानी नुकसान हो सकता है।