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Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में मेडिसिन और बाल ओपीडी 270 के पार

Wed, 17 Dec 2025 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:58 PM IST
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medical college nahan live news
मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार के  लिए इंतजार करते मरीज। संवाद
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सांस, सर्दी, जुकाम, बुखार और संक्रमण के मरीजों की संख्या में इजाफा
अरसे से बारिश न होने पर शुष्क ठंड से बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। स्थान : मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी। समय सुबह 10:30 बजे। दोनों ओपीडी कक्ष में उपचार के लिए मरीजों की कतारें लगी हुईं। कुछ बैंच पर बैठे तो कुछ खड़े-खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
कतार में खड़ी चाकली की सीता देवी ने बताया कि उन्हें तीन दिन से बुखार है। वह सुबह 9:30 बजे अस्पताल पहुंच गई थी। पहले पर्ची बनाने के लिए समय लगा, अब उपचार के लिए खड़ी हैं। उनसे पहले मरीजों की लंबी लाइन है, नंबर काफी देर बाद लगेगा।
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बनाहां के राकेश ने बताया कि उन्हें जुकाम, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वह सुबह 10:00 बजे से उपचार के लिए इंतजार में खड़े हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर मरीजों के बैठने के लिए माकूल व्यवस्था नहीं है।
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स्थान : मेडिकल कॉलेज की बाल ओपीडी। समय सुबह 11: 00 बजे। पताहर की आशा देवी ने बताया कि एक दिन पहले उसके बच्चे को बुखार और खांसी की शिकायत हुई। साथ ही सिर दर्द भी है। पहले स्थानीय पीएचसी में उपचार करवाया, लेकिन आराम नहीं आया। इसके बाद नाहन अस्पताल उपचार के लिए आई हूं। भारी भीड़ के चलते परेशानी हो रही है। वहीं बच्चे को संभालना भी मुश्किल हो रहा है।

दरअसल, बीते तीन महीनों से बारिश नहीं हो पाई है। ऐसे में मौसम शुष्क हो गया है। इसका असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। मेडिकल कॉलेज नाहन में बुधवार को मेडिसिन और बाल ओपीडी 271 के करीब रही। मेडिसिन ओपीडी में 178 और बाल ओपीडी में 93 रोगियों का उपचार किया गया। इनमें सांस, सर्दी, जुकाम, बुखार और संक्रमण के मरीज ज्यादा रहे।

मेडिसिन विभाग के डॉ. मनमोहन शर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव होने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। एलर्जी, वायरल संक्रमण, चिकन पॉक्स, सर्दी-खांसी, जुकाम, फ्लू, गले में खराश जैसी बीमारियों की चपेट में खासकर बुजुर्ग और बच्चे आ जाते हैं। उन्होंने बताया कि उबला हुआ पानी और पौष्टिक भोजन लें। सफाई का ध्यान रखें। विटामिन डी को अपनी डाइट में शामिल करें। फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।


मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान ने बताया कि शुष्क मौसम वायरल और संक्रमण रोगों का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज में उपचार और वार्ड में रोगियों के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। ठंड को देखते हुए हीटर व अन्य सुविधाएं जुटाई गईं हैं। उन्होंने लोगों से अपनी सेहत का ध्यान रखने और बीमार होने की स्थिति में तुरंत अस्पताल जाकर जांच करवाने का आग्रह किया है।

संवाद

मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार के  लिए इंतजार करते मरीज। संवाद

मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ओपीडी में उपचार के  लिए इंतजार करते मरीज। संवाद

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