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Sirmour News: तीन महीने से स्टाइपेंड का इंतजार कर रहे मेडिकल कॉलेज के इंटर्न
Fri, 09 Oct 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:43 AM IST
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120 इंटर्न डॉक्टरों को प्रतिमाह 17 हजार रुपये मिलता है स्टाइपेंड
घंटों ड्यूटी दे रहे इंटर्न, स्टाइपेंड लंबित होने से झेल रहे आर्थिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सेवाएं दे रहे करीब 120 इंटर्न डॉक्टरों को पिछले तीन महीने से स्टाइपेंड नहीं मिला है। भुगतान लंबित होने से इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार सरकार की ओर से प्रत्येक इंटर्न को प्रतिमाह करीब 17 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाता है। इस हिसाब से तीन माह का भुगतान प्रति इंटर्न करीब 51 हजार रुपये और सभी इंटर्न का कुल करीब 62 लाख रुपये बनता है। इंटर्न डॉक्टर विभिन्न विभागों में प्रशिक्षण के साथ मरीजों की देखभाल और उपचार संबंधी कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान कई बार 12 से 14 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है। नियमित सेवाएं देने के बावजूद तीन माह से स्टाइपेंड न मिलने के कारण दैनिक खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।
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मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीत ढिल्लों ने बताया कि स्टाइपेंड भुगतान का मामला नाहन ट्रेजरी से शिमला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है और इंटर्न डॉक्टरों का लंबित स्टाइपेंड शीघ्र जारी कर दिया जाएगा।
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घंटों ड्यूटी दे रहे इंटर्न, स्टाइपेंड लंबित होने से झेल रहे आर्थिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सेवाएं दे रहे करीब 120 इंटर्न डॉक्टरों को पिछले तीन महीने से स्टाइपेंड नहीं मिला है। भुगतान लंबित होने से इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार सरकार की ओर से प्रत्येक इंटर्न को प्रतिमाह करीब 17 हजार रुपये स्टाइपेंड दिया जाता है। इस हिसाब से तीन माह का भुगतान प्रति इंटर्न करीब 51 हजार रुपये और सभी इंटर्न का कुल करीब 62 लाख रुपये बनता है। इंटर्न डॉक्टर विभिन्न विभागों में प्रशिक्षण के साथ मरीजों की देखभाल और उपचार संबंधी कार्यों में सेवाएं दे रहे हैं।
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इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान कई बार 12 से 14 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है। नियमित सेवाएं देने के बावजूद तीन माह से स्टाइपेंड न मिलने के कारण दैनिक खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है।
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मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीत ढिल्लों ने बताया कि स्टाइपेंड भुगतान का मामला नाहन ट्रेजरी से शिमला भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है और इंटर्न डॉक्टरों का लंबित स्टाइपेंड शीघ्र जारी कर दिया जाएगा।