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Sirmour News: सुंदर- मुंदरिएं हो, तेरा कौन विचारा हो........ गीत की लोहड़ी पर्व पर रही धूम
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सुंदर-मुंदरिएं हो, तेरा कौन विचारा हो........ गीत की लोहड़ी पर रही धूम
गुरु की नगरी पांवटा साहिब में धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी का पर्व
लड़के लड़कियों की टोली की ओर से लोहड़ी मांगने की परंपरा सिमटती जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सुंदर- मुंदरिएं हो, तेरा कौन विचारा हो तथा हट्टी वालियां वीरा वे तेरे सोने दा चीरा, तेरी हट्टी विच मशीन तेरी वोहटी बड़ी शौकिन....... जैसे लोहड़ी पर्व के गीत सोमवार देर शाम से खूब सुनने को मिलते रहे। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में दिन भर लोग एक-दूसरे को लोहड़ी पर्व की बधाइयां देते नजर आए।
स्थानीय निवासी हरभजन सिंह, सिमरत सिंह, अर्जुन सिंह, अर्शदीप सिंह, अविनाश सिंह, बिंदर सिंह, चंद्रजोत सिंह, जगमोहन, गुरनाम सिंह व अजीत सिंह ने बताया कि लोहड़ी उतर भारत का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है जो मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार फसल की कटाई और बुआई की खुशी में मनाया जाता है।
सोमवार को लोहड़ी पर्व पर जगह-जगह लोग आग जलाकर उसके चारों ओर नाचते-गाते नजर आए। इस दौरान गिद्दा पंजाबियां को लोकप्रिय नृत्य किया गया। इस बीच लोगों ने आग में गुड़, तिल, रेवड़ी, गजक डालते हुए एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं।
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जसविंंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, मनजीत सिंह व हरविंदर कौर ने बताया कि लोहड़ी के दिन खुशी से जश्न मनाया जाता है। इस दिन रबी की फसल को आग में समर्पित कर सूर्य देव और अग्नि का आभार प्रकट किया जाता है। आज के दिन किसान फसल की उन्नति की कामना करते हैं। लोहड़ी पर्व पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने की खास प्रथा है। इस कहानी के बगैर लोहड़ी का त्योहार अधूरा ही माना जाता है। दुल्ला भट्टी को एक नायक के रूप में देखा जाता है और हर साल लोहड़ी पर उसकी कहानी सुनाई जाती है।
बाक्स...
खुले आंगन में लकड़ियां जला कर अग्निदेव पूजन
- लोहड़ी पर्व के इस दिन घर के बाहर किसी खुली जगह पर लकड़ियां इकट्ठी कर लेते हैं। रात के समय लकड़ियां जलाकर अग्नि देव की पूजा करते हैं। लोहड़ी के त्योहार को गजक, मक्का के दाने, मूंगफली और रेवड़ी के साथ मनाया जाता है। इसके बाद इस आग के 7 या 11 बार परिक्रमा के साथ ही अग्नि में गजक, रेवड़ी और मक्का के दाने अर्पित करते हैं। सबसे आखिर में लोहड़ी का प्रसाद सभी में बांट दिया जाता है।
संवाद
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गुरु की नगरी पांवटा साहिब में धूमधाम से मनाया गया लोहड़ी का पर्व
लड़के लड़कियों की टोली की ओर से लोहड़ी मांगने की परंपरा सिमटती जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सुंदर- मुंदरिएं हो, तेरा कौन विचारा हो तथा हट्टी वालियां वीरा वे तेरे सोने दा चीरा, तेरी हट्टी विच मशीन तेरी वोहटी बड़ी शौकिन....... जैसे लोहड़ी पर्व के गीत सोमवार देर शाम से खूब सुनने को मिलते रहे। गुरु की नगरी पांवटा साहिब में दिन भर लोग एक-दूसरे को लोहड़ी पर्व की बधाइयां देते नजर आए।
स्थानीय निवासी हरभजन सिंह, सिमरत सिंह, अर्जुन सिंह, अर्शदीप सिंह, अविनाश सिंह, बिंदर सिंह, चंद्रजोत सिंह, जगमोहन, गुरनाम सिंह व अजीत सिंह ने बताया कि लोहड़ी उतर भारत का एक प्रमुख और पारंपरिक त्योहार है जो मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार फसल की कटाई और बुआई की खुशी में मनाया जाता है।
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सोमवार को लोहड़ी पर्व पर जगह-जगह लोग आग जलाकर उसके चारों ओर नाचते-गाते नजर आए। इस दौरान गिद्दा पंजाबियां को लोकप्रिय नृत्य किया गया। इस बीच लोगों ने आग में गुड़, तिल, रेवड़ी, गजक डालते हुए एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं।
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जसविंंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, मनजीत सिंह व हरविंदर कौर ने बताया कि लोहड़ी के दिन खुशी से जश्न मनाया जाता है। इस दिन रबी की फसल को आग में समर्पित कर सूर्य देव और अग्नि का आभार प्रकट किया जाता है। आज के दिन किसान फसल की उन्नति की कामना करते हैं। लोहड़ी पर्व पर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनने की खास प्रथा है। इस कहानी के बगैर लोहड़ी का त्योहार अधूरा ही माना जाता है। दुल्ला भट्टी को एक नायक के रूप में देखा जाता है और हर साल लोहड़ी पर उसकी कहानी सुनाई जाती है।
बाक्स...
खुले आंगन में लकड़ियां जला कर अग्निदेव पूजन
- लोहड़ी पर्व के इस दिन घर के बाहर किसी खुली जगह पर लकड़ियां इकट्ठी कर लेते हैं। रात के समय लकड़ियां जलाकर अग्नि देव की पूजा करते हैं। लोहड़ी के त्योहार को गजक, मक्का के दाने, मूंगफली और रेवड़ी के साथ मनाया जाता है। इसके बाद इस आग के 7 या 11 बार परिक्रमा के साथ ही अग्नि में गजक, रेवड़ी और मक्का के दाने अर्पित करते हैं। सबसे आखिर में लोहड़ी का प्रसाद सभी में बांट दिया जाता है।
संवाद
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