{"_id":"60e351ea8ebc3e297d420c60","slug":"kuda-project-two-years-late-due-to-corona-nahan-news-sml3759421153","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना : कूड़ा संयंत्र शुरू करने में दो साल की देरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना : कूड़ा संयंत्र शुरू करने में दो साल की देरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सदानीरा यमुना नदी के तट पर शहरी क्षेत्र की गंदगी से शीघ्र निजात मिलने की उम्मीद है। पांवटा शहर के 13 वार्डों का प्रतिदिन 8 टन से अधिक निकलने वाला कूड़ा केदारपुर में बनने वाली कूड़ा संयंत्र योजना में निष्पादित किया जाएगा। इससे खाद भी तैयार की जाएगी। महामारी के चलते इस योजना को शुरू करने में दो वर्ष की देरी हुई है। शहर की इस महत्वपूर्ण योजना का कार्य अंतिम चरण में है। कार्यकारी अधिकारी ने सोमवार को संयंत्र में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।
वर्ष 2005 में पांवटा शहरी क्षेत्र के लिए कूड़ा संयंत्र योजना मंजूर हुई। योजना पर कुल 55 लाख से अधिक बजट खर्च होना है। पहले रामपुरघाट में योजना कार्य शुरू किया गया। विरोध होने के बाद 2012 में यमुना नदी किनारे केदारपूर में करीब 5 बीघा भूमि चिह्नित की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध भी जताया। फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन डीसी सिरमौर के निर्देश पर चिह्नित भूमि पर योजना निर्माण कार्य शुरू करवाया गया। पांवटा शहरी क्षेत्र की केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। कोविड-19 के चलते काम पूरा होने में दो वर्ष की देरी हो चुकी है।
सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने प्रगति पर चल रहे शेष कार्य का निरीक्षण किया। कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने कहा कि केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना का 85 फीसदी कार्य हो चुका है। कुछ कार्य अंतिम चरण में है। कोविड-19 के चलते योजना के शेष कार्य को पूरा करने एवं शुरू होने में दो वर्ष का ज्यादा समय लग गया। शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को अतिशीघ्र ही पूरा करवा कर शुरू करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बाक्स...
योजना का ये कार्य हुआ ये प्रगति पर...
पांवटा साहिब (सिरमौर)। केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। योजना के लिए अलग बिजली ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है। कांच, लोहा, सेल, टूथब्रश और रंग रोगन सामग्री अलग के पांच खांचे तैयार हो गए हैं। गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग करने, खाद तैयार करने को पिट निर्माण और बाउंड्री वाल तैयार हो चुकी है। अब केवल एमआरएफ सेंटर, कूड़ा भारतोल कांटा और छंटनी प्लेटफार्म पर शेड डालने का कार्य शेष रह गया है।
विज्ञापन
वर्ष 2005 में पांवटा शहरी क्षेत्र के लिए कूड़ा संयंत्र योजना मंजूर हुई। योजना पर कुल 55 लाख से अधिक बजट खर्च होना है। पहले रामपुरघाट में योजना कार्य शुरू किया गया। विरोध होने के बाद 2012 में यमुना नदी किनारे केदारपूर में करीब 5 बीघा भूमि चिह्नित की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध भी जताया। फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन डीसी सिरमौर के निर्देश पर चिह्नित भूमि पर योजना निर्माण कार्य शुरू करवाया गया। पांवटा शहरी क्षेत्र की केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। कोविड-19 के चलते काम पूरा होने में दो वर्ष की देरी हो चुकी है।
विज्ञापन
सोमवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने प्रगति पर चल रहे शेष कार्य का निरीक्षण किया। कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी ने कहा कि केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना का 85 फीसदी कार्य हो चुका है। कुछ कार्य अंतिम चरण में है। कोविड-19 के चलते योजना के शेष कार्य को पूरा करने एवं शुरू होने में दो वर्ष का ज्यादा समय लग गया। शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को अतिशीघ्र ही पूरा करवा कर शुरू करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
बाक्स...
योजना का ये कार्य हुआ ये प्रगति पर...
पांवटा साहिब (सिरमौर)। केदारपुर कूड़ा संयंत्र योजना कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। योजना के लिए अलग बिजली ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया है। कांच, लोहा, सेल, टूथब्रश और रंग रोगन सामग्री अलग के पांच खांचे तैयार हो गए हैं। गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग करने, खाद तैयार करने को पिट निर्माण और बाउंड्री वाल तैयार हो चुकी है। अब केवल एमआरएफ सेंटर, कूड़ा भारतोल कांटा और छंटनी प्लेटफार्म पर शेड डालने का कार्य शेष रह गया है।