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प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी की है विशेष भूमिका : तरसेम सिंह सग्गी
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प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बागवानी की है विशेष भूमिका : तरसेम सिंह सग्गी
कहा, भारतीय किसान यूनियन नए स्मार्ट बिजली के मीटरों का करती है विरोध
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) पांवटा इकाई की विश्राम गृह में बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल की अर्थव्यवस्था में बागवानी की विशेष भूमिका रही है। पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार सेब बागवानी से होता है। प्रदेश की पहचान फल उत्पादक राज्य के रूप में होती है। हर वर्ष जुलाई से नवंबर तक सेब सीजन चलता है। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से बागवानों को बेहतर विपणन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) प्रदेशाध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी ने पांवटा साहिब विश्राम गृह में आयोजित बैठक के दौरान ये बात कही।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सेब के साथ ही आड़ू, आम, पलम व नाशपती समेत फलों के उचित विपणन व दाम दिलवाने के प्रयास करें, जिससे बागवानों को उनके कठिन परिश्रम का लाभ मिले।
प्रदेशाध्यक्ष सग्गी ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में बिजली के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसमें उपभोक्ताओं को पहले 300 तक बिल आते थे अब 1500 से अधिक बिल आ रहे हैं। किसानों ने कहा कि जो मीटर लगाए गए हैं, उनकी जगह भी पुराने मीटर ही लगाए जाएं। दूसरी चिंता ये है कि पोस्ट पेड के बाद यदि ये प्रीपेड हो गया तो मध्यम व निर्धन परिवारों को सबसे अधिक दिक्कतें आ सकती हैं।
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बैठक में महासचिव गुलजार सिंह, उपाध्यक्ष बलबीर सिंह व सचिव हरजीत सिंह ने कहा कि पांवटा शहरी क्षेत्र तथा आसपास की कई संपर्क सड़कों की हालत काफी खराब हो चुकी है। मौसम ठीक रहने पर इनकी दशा को सुधारा जाए। गर्मियां शुरू होने के दौरान से ही कई पेयजल आपूर्ति योजनाएं अब तक भी प्रभावित हैं। इनको बेहतर ढंग से सुचारू किया जाए।
बैठक में मुद्दा उठाया गया कि मेहरुवाला में खड्ड का पानी निरंजन सिंह के घर में घुसने से हुए नुकसान की आपूर्ति की जाए और सुरक्षा डंगा लगाया जाए। सूरजपुर के समीप जंगल का पानी कुछ रिहायशी घरों में घुसने से दिक्कतें आ रही हैं। जल निकासी व्यवस्था को ठीक करवाया जाए। इस दौरान किसान-बागवानों की मांगों व समस्याओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर दारा सिंह, गुलजार सिंह, बलबीर सिंह, हरजीत सिंह, तरन सिंह, हरदेव सिंह, बलदेव सिंह, सरदार हरजीत सिंह, अजीत सिंह, हरबंस सिंह, बलबीर सिंह, भूपेंद्र सिंह और रमेश सैनी समेत किसान-बागवान मौजूद रहे।
संवाद
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कहा, भारतीय किसान यूनियन नए स्मार्ट बिजली के मीटरों का करती है विरोध
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) पांवटा इकाई की विश्राम गृह में बैठक आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल की अर्थव्यवस्था में बागवानी की विशेष भूमिका रही है। पांच हजार करोड़ रुपये का कारोबार सेब बागवानी से होता है। प्रदेश की पहचान फल उत्पादक राज्य के रूप में होती है। हर वर्ष जुलाई से नवंबर तक सेब सीजन चलता है। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से बागवानों को बेहतर विपणन की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) प्रदेशाध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी ने पांवटा साहिब विश्राम गृह में आयोजित बैठक के दौरान ये बात कही।
भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार सेब के साथ ही आड़ू, आम, पलम व नाशपती समेत फलों के उचित विपणन व दाम दिलवाने के प्रयास करें, जिससे बागवानों को उनके कठिन परिश्रम का लाभ मिले।
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प्रदेशाध्यक्ष सग्गी ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का विरोध किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में बिजली के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसमें उपभोक्ताओं को पहले 300 तक बिल आते थे अब 1500 से अधिक बिल आ रहे हैं। किसानों ने कहा कि जो मीटर लगाए गए हैं, उनकी जगह भी पुराने मीटर ही लगाए जाएं। दूसरी चिंता ये है कि पोस्ट पेड के बाद यदि ये प्रीपेड हो गया तो मध्यम व निर्धन परिवारों को सबसे अधिक दिक्कतें आ सकती हैं।
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बैठक में महासचिव गुलजार सिंह, उपाध्यक्ष बलबीर सिंह व सचिव हरजीत सिंह ने कहा कि पांवटा शहरी क्षेत्र तथा आसपास की कई संपर्क सड़कों की हालत काफी खराब हो चुकी है। मौसम ठीक रहने पर इनकी दशा को सुधारा जाए। गर्मियां शुरू होने के दौरान से ही कई पेयजल आपूर्ति योजनाएं अब तक भी प्रभावित हैं। इनको बेहतर ढंग से सुचारू किया जाए।
बैठक में मुद्दा उठाया गया कि मेहरुवाला में खड्ड का पानी निरंजन सिंह के घर में घुसने से हुए नुकसान की आपूर्ति की जाए और सुरक्षा डंगा लगाया जाए। सूरजपुर के समीप जंगल का पानी कुछ रिहायशी घरों में घुसने से दिक्कतें आ रही हैं। जल निकासी व्यवस्था को ठीक करवाया जाए। इस दौरान किसान-बागवानों की मांगों व समस्याओं पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर दारा सिंह, गुलजार सिंह, बलबीर सिंह, हरजीत सिंह, तरन सिंह, हरदेव सिंह, बलदेव सिंह, सरदार हरजीत सिंह, अजीत सिंह, हरबंस सिंह, बलबीर सिंह, भूपेंद्र सिंह और रमेश सैनी समेत किसान-बागवान मौजूद रहे।
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