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Sirmour News: क्वागधार में दो हफ्ते में तैयार होगा पच्छाद उपमंडल का पहला हेलीपेड
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पच्छाद उपमंडल के क्वागधार में एनएच 907ए से सटा हेलीपेड। संवाद
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विकास की बात...
क्वागधार में दो हफ्ते में तैयार होगा पच्छाद उपमंडल का पहला हेलीपेड
50 मीटर लंबे और 30 मीटर चौड़े हेलीपेड का निर्माण अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजधानी शिमला को जोड़ने वाले नाहन-कुमारहट्टी एनएच 907ए पर सराहां के समीप क्वागधार में जल्द हेलीपेड तैयार होगा। करीब दो हफ्ते के भीतर इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ये पच्छाद इलाके का पहला हेलीपेड होगा। इन दिनों इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
45 लाख रुपये की लागत से 50 मीटर लंबे और 30 मीटर चौड़े हेलीपेड का निर्माण किया जा रहा है। इस समय इस स्थल पर बजरी डालने का कार्य जारी है। इसे पक्का किया जाएगा। खास बात ये है कि ये हेलीपेड पूरी तरह नेशनल हाईवे से सटा है। विभाग ने इस कार्य को इसी माह पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
दरअसल, एक दशक पहले इस हेलीपेड का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने किया था लेकिन इसके बाद निर्माण के लिए बजट का प्रावधान न होने से कार्य लटका रहा। साथ ही फोरेस्ट क्लीयरेंस का भी पेंच फंसा रहा।
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लिहाजा इस कार्य को अंजाम देने में इतना अधिक वक्त लग गया। पिछली सरकार में बजट स्वीकृत होने के बाद इसका कार्य इसी साल मार्च माह में शुरू हुआ। इसे पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर माह में रखा गया था, अब ये काम नवंबर में पूरा हो जाएगा।
इसके तैयार होने से आपदा के समय सेवाएं ली जा सकती हैं। इसके साथ-साथ भारतीय सेना के भी काम आ सकेगा। भविष्य में केंद्र सरकार की एयर एंबुलेंस शुरू करने की योजना भी है जिससे मरीज को यहां से बड़े अस्पतालों पीजीआई और एम्स जैसे संस्थानों में ले जाने की सुविधा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार जो हेली टैक्सी सेवा शुरू कर रही है, उसके तहत हेलीपेड को प्रयोग किया जा सकता है।
पच्छाद क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रहा है। लिहाजा, भविष्य में पर्यटकों के लिए भी यह हेलीपेड यहां पहुंचने का सुगम साधन होगा।
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जल्द होगा तैयार
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप कौंडल ने बताया कि हेलीपेड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दो हफ्ते के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस पर 45 लाख रुपये खर्च होगा।
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अमित पुंडीर ने बताया कि ये हेलीपेड भविष्य में पच्छाद के पर्यटन के विकास में अहम भूमिका अदा करेगा। इसका निर्माण काफी पहले हो जाना चाहिए था।
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संजीव ठाकुर ने बताया कि हेलीपेड नेशनल हाईवे से सटा है। लिहाजा ये कभी भी किसी भी बड़ी आपदा के समय कारगर साबित होगा। इसका क्षेत्रवासियों को भी लाभ मिलेगा।
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क्वागधार में दो हफ्ते में तैयार होगा पच्छाद उपमंडल का पहला हेलीपेड
50 मीटर लंबे और 30 मीटर चौड़े हेलीपेड का निर्माण अंतिम चरण में
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजधानी शिमला को जोड़ने वाले नाहन-कुमारहट्टी एनएच 907ए पर सराहां के समीप क्वागधार में जल्द हेलीपेड तैयार होगा। करीब दो हफ्ते के भीतर इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा। ये पच्छाद इलाके का पहला हेलीपेड होगा। इन दिनों इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
45 लाख रुपये की लागत से 50 मीटर लंबे और 30 मीटर चौड़े हेलीपेड का निर्माण किया जा रहा है। इस समय इस स्थल पर बजरी डालने का कार्य जारी है। इसे पक्का किया जाएगा। खास बात ये है कि ये हेलीपेड पूरी तरह नेशनल हाईवे से सटा है। विभाग ने इस कार्य को इसी माह पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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दरअसल, एक दशक पहले इस हेलीपेड का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह ने किया था लेकिन इसके बाद निर्माण के लिए बजट का प्रावधान न होने से कार्य लटका रहा। साथ ही फोरेस्ट क्लीयरेंस का भी पेंच फंसा रहा।
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लिहाजा इस कार्य को अंजाम देने में इतना अधिक वक्त लग गया। पिछली सरकार में बजट स्वीकृत होने के बाद इसका कार्य इसी साल मार्च माह में शुरू हुआ। इसे पूरा करने का लक्ष्य अक्तूबर माह में रखा गया था, अब ये काम नवंबर में पूरा हो जाएगा।
इसके तैयार होने से आपदा के समय सेवाएं ली जा सकती हैं। इसके साथ-साथ भारतीय सेना के भी काम आ सकेगा। भविष्य में केंद्र सरकार की एयर एंबुलेंस शुरू करने की योजना भी है जिससे मरीज को यहां से बड़े अस्पतालों पीजीआई और एम्स जैसे संस्थानों में ले जाने की सुविधा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार जो हेली टैक्सी सेवा शुरू कर रही है, उसके तहत हेलीपेड को प्रयोग किया जा सकता है।
पच्छाद क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो रहा है। लिहाजा, भविष्य में पर्यटकों के लिए भी यह हेलीपेड यहां पहुंचने का सुगम साधन होगा।
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जल्द होगा तैयार
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दलीप कौंडल ने बताया कि हेलीपेड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दो हफ्ते के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इस पर 45 लाख रुपये खर्च होगा।
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अमित पुंडीर ने बताया कि ये हेलीपेड भविष्य में पच्छाद के पर्यटन के विकास में अहम भूमिका अदा करेगा। इसका निर्माण काफी पहले हो जाना चाहिए था।
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संजीव ठाकुर ने बताया कि हेलीपेड नेशनल हाईवे से सटा है। लिहाजा ये कभी भी किसी भी बड़ी आपदा के समय कारगर साबित होगा। इसका क्षेत्रवासियों को भी लाभ मिलेगा।

पच्छाद उपमंडल के क्वागधार में एनएच 907ए से सटा हेलीपेड। संवाद

पच्छाद उपमंडल के क्वागधार में एनएच 907ए से सटा हेलीपेड। संवाद

पच्छाद उपमंडल के क्वागधार में एनएच 907ए से सटा हेलीपेड। संवाद

पच्छाद उपमंडल के क्वागधार में एनएच 907ए से सटा हेलीपेड। संवाद